विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंचे मंत्री सिलावट

विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंचे मंत्री सिलावट

इंदौर| आकाश धोलपुरे| रविवार दोपहर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट (Minister Tulsiram Silavat) रेवती रेंज पहुंचे जहां आचार्य श्री विद्यासागर जी (Acharya Shri Vidyasagar) का आशीर्वाद लिया एवं उन्हें कोरोना (Corona) के खिलाफ जारी जंग में शासन- प्रशासन स्तर पर की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं एवं उपायों से अवगत कराया।

कोरोना संकट के बीच आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने इंदौर वासियों को संदेश दिया है कि लाॅक डाउन का पालन करना उनके हित में है। प्रशासन, चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन , पुलिस, नगर निगम आदि सभी जनता के हित में कोरोना की रोकथाम के लिये निरंतर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। वही आचार्य श्री ने आशीर्वाद दिया कि सभी धैर्य एवं संयम से कार्य करें और अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अनुरूप कर्तव्य का निर्वहन करें क्योंकि ऐसा करना ना केवल व्यक्ति के हित में बल्कि राष्ट्रहित में भी होगा।

ही जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी जनता से अपील की कि इंदौर, खरगोन, उज्जैन और भोपाल सहित अन्य जिले रेड जोन में हैं ऐसे में रेड जोन में ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मंत्री सिलावट ने लोगो से ये भी अपील की लोग घर में रहकर शासन – प्रशासन के निर्देशों का पालन कर एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभाएं। इस अवसर पर समाजसेवी लकी अवस्थी भी मौजूद थे जिन्होंने मुनि श्री का आशीर्वाद लिया और समाज के हर वर्ग की सेवा करने का संकल्प लिया ताकि कोरोना काल मे किसी को कोई भी परेशानी न हो और इंदौर कोरोना को हराकर दोबारा अपनी असल शक्ल में जिंदादिली के साथ देश के श्रेष्ठ शहरो में शुमार हो सके।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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