संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने अब सैन्य टकराव का रूप ले लिया है। अमेरिका ने शुक्रवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 2 बजे शहर के कई इलाकों में तेज विस्फोट हुए और कम ऊंचाई पर उड़ते सैन्य विमानों की आवाजें लोगों ने सुनीं। जिसके बाद आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।
ट्रंप का वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का दावा
इन हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके परिवार को पकड़ लेने का दावा किया है। शनिवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि उनके सैनिक मादुरो के परिवार को बंधक बनाकर देश के बाहर ले गए हैं। हालांकि ट्रंप के इस बयान की पुष्टि व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी की है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके लीडर, प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो के खिलाफ बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक हमला किया है, जिन्हें उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर निकाल दिया गया है। यह ऑपरेशन U.S. लॉ एनफोर्समेंट के साथ मिलकर किया गया था। डिटेल्स बाद में दी जाएंगी। आज सुबह 11 बजे मार-ए-लागो में एक न्यूज कॉन्फ्रेंस होगी। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।
पिछले महीने भी अमेरिका ने वेनेजुएला पर किया था हमला
बीते महीने वेनेजुएला के भीतर ड्रग-लॉन्च बेस पर अमेरिकी सैन्य हमले की खबरें सामने आई थीं। ट्रंप ने 31 दिसंबर को खुद दावा किया कि दिसंबर में अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि यह एक बंदरगाह पर हुआ था, जिसे ड्रग्स स्मगलर इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि अमेरिकी सरकार ने अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन वेनेजुएला के अंदर से आ रही रिपोर्ट्स इस दावे को मजबूत करती दिख रही हैं।
अमेरिका ने वेनेजुएला पर क्यों किए हमले
अमेरिका ने हाल ही में दावा किया था कि वेनेजुएला की निकोलस मादुरो सरकार अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी में शामिल है। ट्रंप प्रशासन ने इसे एक राष्ट्रीय आपातकाल मानते हुए वेनेजुएला को निशाना बनाने की कोशिश की है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि मादुरो के शासन में वेनेजुएला के लाखों नागरिकों को अमेरिका आने को मजबूर होना पड़ा है, जिससे अमेरिका में प्रवासी संकट बढ़ा है। इन लोगों के 2013 से ही देश छोड़कर भागने का दावा किया गया है।
अमेरिका ने वेनेजुएला के दो आपराधिक समूहों- ट्रेन डी अरागुआ और कार्टेल डी लॉस सोलेस (जिसका नेतृत्व कथित तौर पर मादुरो करते हैं) को विदेशी आतंकवादी संगठन (फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन) के तौर पर चिह्नित किया है।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की तेल कंपनियों पर नई पाबंदी लगाई है। अमेरिका के वित्त विभाग ने वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री से जुड़ी चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही इन चारों कंपनियों से जुड़े तेल टैंकरों को बढ़ते बैन की लिस्ट में जोड़ा।
STATEMENT FROM PRESIDENT DONALD J. TRUMP pic.twitter.com/nHDqtsqRFh
— Karoline Leavitt (@PressSec) January 3, 2026





