Lipstick बन सकती है कैंसर सहित कई घातक रोगों की वजह, इस रंग के पीछे छिपे हैं बड़े खतरे

Lipstick बन सकती है कैंसर सहित कई घातक रोगों की वजह, इस रंग के पीछे छिपे हैं बड़े खतरे

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मेकअप की लिस्ट में लिपस्टिक (lipstick) सबसे पहले आती है। हर लड़की को लिपस्टिक लगाना बेहद पसंद होता है और अपनी ड्रेस, माहौल, समय और जगह के हिसाब से वो अपनी लिपस्टिक चुनती हैं। आज के समय में बाजार में लिपस्टिक के हजारों ऑप्शन मौजूद है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके इस सबसे पसंदीदा सौंदर्य उत्पाद से नुकसान भी हो सकता है। लगातार या गलत लिपस्टिक के चुनाव से कई बार गंभीर तरह के खतरे भुगतने पड़ सकते हैं। आईये जानते हैं लिपस्टिक के कुछ ऐसे ही नुकसानदेह तथ्यों के बारे में।

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  • लिपस्टिक के रंग दरअसर बहुत सारे केमिकल्स का मिश्रण है। अगर आप लगातार इसे इस्तेमाल करती हैं तो ये आपके होंठों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • इससे होंठों का रंग काला पड़ सकता है या उसमें किसी तरह की एलर्जी या इन्फेक्शन भी हो सकता है।
  • खाने के साथ अगर लिपस्टिक शरीर के अंदर चली जाए तो उसके केमिकल बीमारी का कारण बन सकते हैं।
  • बहुत अधिक लिपस्टिक का इस्तेमाल करने के कारण इसमें मौजूद लेड, एल्यूमिनियम, क्रोमियम, कैडमियम और मैग्नीशियम शरीर में जाने लगता है। इससे स्नायु तंत्र पर बुरा असर पड़ने की संभावना होती है।
  • लिपस्टिक में मौजूद एल्यूमिनियम से कई तरह के रोग हो सकते हैं। इससे पेट का अल्सर, पक्षाघात जैसी बीमारी हो सकती है।
  • इसमें क्रोमियम होता है जिस कारण कैंसर खतरा बढ़ सकता है।
  • कई लड़कियां लिपस्टिक को ही आईशेडो के रुप में इस्तेमाल कर लेती हैं। इससे आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
  • लिपस्टिक में इस्तेमाल होने वाला लेड से न्यूरल डैमेज यानी दिमाग संबंधी क्षति होने की संभावना है।
  • ये शरीर में टॉक्सिन पैदा करती है साथ ही और भी कई बीमारियों को न्योता देती है।
Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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