पोषण आहार मामले में सीएम शिवराज ने खुलकर रखी अपनी बात, विपक्ष ने किया हंगामा

पोषण आहार मामले में सीएम शिवराज ने खुलकर रखी अपनी बात, विपक्ष ने किया हंगामा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में इस समय विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। इस मानसून सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने पोषण आहार मामले पर खुलकर बात की है। सदन में अपने वक्तव्य के माध्यम से उन्होंने सारी स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री चौहान के इस वक्तव्य के पहले सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

अपने वक्तव्य के दौरान सदन में किए जा रहे हंगामे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर कोई घटना हो जाए जिस पर भ्रम फैलाया जा रहा हो तो क्या सरकार कोई हक नहीं है कि वह अपनी बात रखें। मैं अपने वक्तव्य के माध्यम से उस स्थिति को स्पष्ट करना चाहता हूं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जो ड्राफ्ट रिपोर्ट सामने आई है वह महालेखाकार की ओर से तैयार की गई है। रिपोर्ट 2018 से लेकर 2021 तक की है। यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है इस रिपोर्ट को CAG को भेजा जाएगा। रिपोर्ट CAG के पास जाने के बाद एक कनिका बनाई जाएगी जिस पर विधानसभा में चर्चा होगी। इसके बाद ये लोकलेखा समिति के पास जाएगी। सीएम शिवराज ने कहा कि हर तथ्य को बारीकी से देखा जा रहा है और गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनियमितता के चलते 104 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और 6 को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। 3 अधिकारियों की पेंशन रुकी है और 2 की वेतन वृद्धि रुकी हुई है। 40 पर विभागीय जांच की जा रही है और 31 अधिकारियों के विरुद्ध लघु शास्ति जारी की गई है।

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इस रिपोर्ट में टेक होम राशन के परिवहन में इस्तेमाल किए गए स्कूटर और बाइक के मुद्दे पर सीएम शिवराज ने कहा कि यह कांग्रेस के कार्यकाल के भी हैं और हम उसकी भी जांच करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 237 करोड़ के 38 हजार 304 मिट्रिक टन टेक होम राशन की गुणवत्ता में अमानक का जो स्तर सामने आया है, वह कांग्रेस के शासनकाल का है। इसी के चलते 35 करोड रुपए का पेमेंट रुकवा दिया गया है और तथ्यों की बारीकी से जांच हो रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि 2018 में हमने टेक होम राशन की व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया था, लेकिन हमारी सरकार चली गई और इस योजना को कांग्रेस ने पोषण आहार संयंत्रों के ठेकेदारों को सौंप दिया। भाजपा की सरकार वापस आने के बाद फिर से महिला स्व सहायता समूह ने यह काम शुरू किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पोषण आहार मामले को लेकर कांग्रेस भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। अगर कोई अपने वक्तव्य के माध्यम से सरकार के तथ्यों को सबके समक्ष रखना चाहते हैं तो प्रतिपक्ष को इससे क्या दिक्कत हो रही है। कांग्रेस को इस चर्चा से भागना था और उन्हें तथ्यों से मतलब नहीं है वह हंगामा इसलिए कर रहे थे ताकि बातें ठीक से ना हो पाए। आगे उन्होंने कहा कि मैं सभी कोई आश्वस्त करता हूं कि गड़बड़ी करने वाला कोई भी हो किसी भी सरकार के शासनकाल का हो हम उसे छोड़ेंगे नहीं दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Diksha Bhanupriy
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