MP News: न नल, न जल, बाल्टी भर पानी के लिए मौत से संघर्ष हर पल

MP News: न नल, न जल, बाल्टी भर पानी के लिए मौत से संघर्ष हर पल

डिंडोरी, डेस्क रिपोर्ट। MP News:- मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग प्यास बुझाने के लिए रोजाना मौत से बाजी लगा रहे हैं। दरअसल इन दिनों भीषण गर्मी के चलते जलस्तर काफी नीचे चला गया है जिसके चलते लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पोल खोल दी ऐसी ही एक वीडियो वायरल हो रही है। प्रदेश सरकार दावा कर रही है कि केंद्र प्रवर्तित नल जल योजना के माध्यम से हर घर तक नल के माध्यम से जल पहुंचाया जा रहा है और बड़ी तेजी के साथ इस योजना पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री खुद लोक स्वास्थ यान्त्रिकी विभाग के मुखिया हैं सो सतत मॉनिटरिंग भी जारी है।

यह भी पढ़े… सलमान खान और उनके पिता को अनजान शख्स ने दी धमकी, मुंबई के पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज

विभाग के अधिकारी भी दावा करते हैं कि मध्य प्रदेश के लगभग हर जिले में नल जल योजना तेजी के साथ परवान चल रही है। दरअसल भारत सरकार ने 2019 में हर ग्रामीण घर में 2024 तक नल का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी। इसे राज्यों की साझेदारी के साथ लागू किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024 तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। पहले से चले आ रही विभिन्न मिशनो के कार्यक्रमों को इस योजना में शामिल किया गया है। लेकिन डिंडोरी के एक गांव की यह तस्वीर देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

यह भी पढ़े… Itarsi Bribe News : CBI की बड़ी कार्रवाई, सीनियर DME को 50 हजार रुपए रिश्वत के साथ रंगे हाथों किया गिरफ्तार

प्यास बुझाने के लिए एक बाल्टी जल की मशक्कत महिलाओं को भी जान की बाजी लगाने पर मजबूर कर रही है। महिलाएं सीधे और सपाट कुऐ में उस स्थान तक उतर जाती है जहां उसका तल है और वहां लेश मात्र पानी बचा है। इस पानी को इकट्ठा करने के बाद एक बार फिर शुरू होता है कुएं से बाहर आने के लिए संघर्ष। यदि इस संघर्ष में कोई नीचे गिरे तो सवाल ही नहीं कि उसकी जिंदगी बच पाए। लेकिन जिंदगी तो तब भी नहीं बचेगी जब पानी मयस्सर नहीं होगा। तो प्यास बुझाने के लिए मौत के साथ यह आंख मिचौली रोजाना जारी है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews