प्रदेश के सभी जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, लेकिन रतलाम इस वक्त सबसे गर्म शहर के रूप में उभरा है, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का साफ कहना है कि आसमान अब बिल्कुल साफ है और बादलों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी है, जिसके कारण दिन के तापमान में और भी तेजी से उछाल देखने को मिलेगा। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है, क्योंकि तीखी धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उनके ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू (हीटवेव) चलने की प्रबल संभावना है। यह चेतावनी उन लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है जो अप्रैल के महीने में ही इतनी गर्मी से परेशान हो चुके हैं। मौसम विभाग का मानना है कि इस साल की गर्मी अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अप्रैल के महीने में ही कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं, जो कि सामान्य से कहीं ज्यादा है और यह एक गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है।
इस अचानक बढ़ी गर्मी के पीछे का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का पूरी तरह समाप्त हो जाना है। अब प्रदेश पर केवल गर्म और शुष्क हवाएं ही अपना असर दिखाएंगी, जो तापमान को लगातार ऊपर ले जाएंगी। इन हवाओं के चलते दिन और रात दोनों के तापमान में इजाफा होगा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा।
विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की राहत की उम्मीद से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का यह रौद्र रूप इसी तरह जारी रहेगा और इसमें कोई कमी आने की संभावना नहीं है। तीखी धूप और जानलेवा लू के गंभीर प्रभावों से बचने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर दोपहर के समय, जब सूर्य अपने पूरे शबाब पर होता है और सड़कें तपती रहती हैं, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें, और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ORS का सेवन करते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को लू की चपेट में आने से बचाने के लिए उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा और उन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से रोकना होगा।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी, जहां अभी तापमान 40 डिग्री से कुछ कम है, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे पूरे प्रदेश में गर्मी का कहर बरपेगा। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को इस भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी ओर से लोगों से पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलने से बचने की अपील की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की बेचैनी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह कहना गलत नहीं होगा कि मध्य प्रदेश के लोगों को अब आने वाले दिनों में झुलसा देने वाली और रिकॉर्ड तोड़ने वाली गर्मी के लिए पूरी तरह से तैयार रहना होगा।






