
देवास, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के देवास जिले (Dewas) से हाल ही में एक ऐसी खबर आ रही है जिसको देखकर सभी लोग हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि रविवार को देवास जिले में एक अजीबो गरीब वाक्य हुआ। जिसमें किसानों ने अपना एक अनूठा प्रदर्शन विरोध किया। दरअसल किसानों ने लहसुन और प्याज की सही कीमत नहीं मिलने पर शव यात्रा निकाली। जिसकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, युवा किसान संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा लहसुन और प्याज की शव यात्रा निकाली गई। जिसमें काफी लोग शामिल हुए। इसके पीछे की सिर्फ एक ही वजह थी कि लहसुन और प्याज के सही दाम उन्हें नहीं मिल रहे थे। जिसकी वजह से वह नाराज थे। इतना ही नहीं इसके लिए उन्होंने जमकर नारेबाजी भी लगाई। किसानों का कहना है कि हमें हमारी फसलों का सही दाम नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में हम अगर हमें आत्महत्या करनी पड़ी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, क्या शासन-प्रशासन इसका जिम्मेदार होगा?

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ऐसे में अपनी फसलों का सही दाम नहीं मिलने पर किसानों ने बड़ी संख्या में अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल कई किसान सही दाम नहीं मिलने की वजह से काफी ज्यादा परेशान है। क्योंकि उन्हें फसल उगाने में काफी मेहनत लगती है और मेहनत के बाद भी अगर उन्हें सही दाम ना मिले तो वह पर आत्महत्या करने जैसा ही कदम उठाते हैं। बता दे, देवास जिले में रविवार के दिन जब किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं दिया गया तो उन्होंने इसका जवाब भी अजीबो गरीब तरीके से दिया।
दरअसल, नाराज किसानों ने युवा किसान संघ के साथ मिलकर भोपाल चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक प्याज और लहसुन के कट को खाट पर रखकर उसकी शव यात्रा निकाली। इतना ही नहीं इस दौरान कई किसानों ने अपने गले में भी इसकी माला पहनी। बताया जा रहा है कि किसानों ने इस प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर यह चेतावनी भी दी है कि प्रशासन उनकी फसलों का उचित दाम दे।

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इसके अलावा प्रदर्शन कर रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिला अध्यक्ष गगन सिंह पटेल का कहना है कि हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है, ऐसे में हम हमारी फसलों को बच्चों की तरह रखते हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि हमें इन्हीं फसलों को हमारे कंधे पर उठाकर शव यात्रा के रूप में लेकर आना पड़ा। इतना ही नहीं उन्होंने आगे भी कहा कि हमारी फसलों का हमें सही दाम नहीं दिया जा रहा है, जो लागत हम लगाते हैं वह सही से नहीं निकल पा रही है।
ऐसे में हम किसान लोग आत्महत्या करने तक के लिए मजबूर हो जाते हैं। लेकिन क्या शासन-प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा। उन्होंने आगे कहा कि हम यह चाहते हैं कि प्याज और लहसुन का मूल्य न्यूनतम समर्थन के रूप में घोषित करें। इसके साथ ही दूसरी सब्जियों के दाम को भी एक ही तय करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर हमारी इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो हम वोट की चोट करेंगे। 2023 में सरकार का हारना तय होगा। बता दें इस पूरे मामले के दौरान बड़ी संख्या में किसान इकट्ठे हुए।
