मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के एक छोटे से गांव तुरकिया में रविवार का दिन खुशी का था। गांव में एक परिवार के यहां मुंडन संस्कार का आयोजन किया गया था, जहां दूर-दूर से रिश्तेदार और मेहमान पहुंचे थे। माहौल में खुशी थी, बच्चे खेल रहे थे और लोग एक-दूसरे से मिलकर उत्सव का आनंद ले रहे थे। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। जैसे ही लोगों ने भोजन किया, कुछ ही देर में कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।
पहले कुछ लोगों को हल्की घबराहट और उल्टी की शिकायत हुई, लेकिन देखते ही देखते यह संख्या बढ़ती गई। धीरे-धीरे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि एक साथ इतने लोगों के बीमार होने से हर कोई घबरा गया। शाम तक यह संख्या 30 से 35 बताई जा रही थी, लेकिन रात होते-होते यह आंकड़ा बढ़कर 79 तक पहुंच गया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
कैसे फैली बीमारी
गांव के लोगों के अनुसार, मुंडन कार्यक्रम में पारंपरिक भोजन तैयार किया गया था। मेहमानों को दाल-बाफले, लड्डू और लस्सी परोसी गई थी। यह खाना पूरी तरह से सामान्य था और गांव के आयोजनों में अक्सर यही व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन इस बार यही भोजन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया।
खाना खाने के कुछ समय बाद ही लोगों को उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत होने लगी। कई लोग अचानक कमजोर महसूस करने लगे और कुछ को चक्कर भी आने लगे। यह लक्षण साफ तौर पर भोजन से जुड़ी बीमारी की ओर इशारा कर रहे थे। गांव में मौजूद लोगों ने तुरंत एक-दूसरे को जानकारी दी और बीमार लोगों को अलग जगह पर ले जाकर संभालने की कोशिश की।
स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर, इलाज जारी
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत गांव पहुंची। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सभी बीमार लोगों की जांच शुरू की और उनकी हालत के अनुसार इलाज किया गया। कई मरीजों को गांव में ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि जिनकी हालत थोड़ी गंभीर थी, उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सभी मरीजों पर नजर रखी जा रही है और स्थिति नियंत्रण में है। चार मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य लोगों को आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए ले जाया गया। राहत की बात यह रही कि किसी की हालत बहुत ज्यादा गंभीर नहीं बताई गई है।
प्रशासन और पुलिस की नजर, जांच जारी
इस पूरे मामले में पुलिस भी सक्रिय हो गई है। थाना प्रभारी के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला भोजन से जुड़ी बीमारी का लग रहा है। लेकिन पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जारी है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर खाना खराब कैसे हुआ और इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे बीमार पड़ गए।
गांव के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि भोजन बनाने और परोसने के दौरान कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। प्रशासन ने साफ किया है कि अगर किसी तरह की गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






