VIDEO VIRAL: आपस में भिड़े कांग्रेसी, जमकर चले लात-घूंसे, एक-दूसरे के फाड़े कपड़े

VIDEO VIRAL: आपस में भिड़े कांग्रेसी, जमकर चले लात-घूंसे, एक-दूसरे के फाड़े कपड़े

अजमेर।

मध्यप्रदेश हो या राजस्थान कांग्रेस की आपसी फूट और अंतरकलह जगजाहिर है।यहां आए दिन कांग्रेसियों के आपस में विवाद के मामले सामने आते रहते है। ताजा मामला राजस्थान के अजमेर से सामने आया है, जहां शोकसभा में के दौरान कांग्रेस के दो कार्यकर्ता आपस मे भिड़ गए, बात इतनी बढ़ी कि लात-घूंसे तक चल गए।यहां तक की एक कार्यकर्ता की नाक से तो खून तक निकल आया। जिसके बाद वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, बीते दिनों भारत और चीन सैनिकों के बीच हुई झड़प में 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 सैनिक शहीद हुए थे। शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेसियों ने शुक्रवार को अजमेर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था। शहर जिलाध्यक्ष विजय जैन के साथ कुछ वरिष्ठ नेता शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर रहे थे, तभी सोना धनवानी नाम का एक कार्यकर्ता सीढ़ियां चढ़कर श्रद्धांजलि देने के लिए स्टेज में जा रहा था, जिस पर एक कार्यकर्ता ने उसे रोका। इसी बात पर दोनों के बीच कहा-सुनी हो गई इस शोकसभा में शामिल हुए पार्टी के दो कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए । देखते ही देखते बात इतनी बढ़ी कि एक दूसरे पर लात-घूंसे तक चलाना शुरु कर दिया। दोनों में जबरदस्त मारपीट हुई। दोनों ने एक दूसरे के कपड़े फाड़ दिए। ड़प इतनी बुरी थी कि एक कार्यकर्ता की नाक से खून निकाल आया। जिसके बाद वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बवाव कर दोनों को अलग किया।तब जाकर मामला शांत हुआ और गायल कार्यकर्ता को अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान वहां मौजूद किसी ने वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

https://twitter.com/ANI/status/1276597795038740480

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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