
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने आधार के इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि भविष्य में सरकारी योजनाओं के भुगतान या लाभ के लिए आधार नंबर की जगह वोटर आईडी यानि EPIC नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल किया जाएगा। कांग्रेस ने आधार के उपयोग को लेकर केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए हैं, इस व्यवस्था को SIR से जोड़ा है।
पिछले सप्ताह आयोजित राष्ट्रीय जन आयोजन अभियान 2026-27 की कार्यशाला में केंद्रीय ललन सिंह ने कहा कि, “मैं कहना चाहता हूं कि अब सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए आधार कार्ड को आधार नहीं बनाया जाएगा।” आगे उन्होंने कहा, “आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र हर गली में मौजूद हैं। अब कोई भी व्यक्ति केवल 5 मिनट में इसे बनवा सकता है। इसलिए लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए उनकी बायोमेट्रिक जानकारी और वोटर आईडी विवरण का उपयोग करना होगा।” हालांकि मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह व्यवस्था कब लागू होगी और किन-किन योजनाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।
कांग्रेस ने साधा मोदी सरकार पर निशाना
कांग्रेस ने आधार इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को सोशल मीडिया X पर पोस्ट शेयर करते हुए पार्टी ने कहा, ” यदि यह व्यवस्था लागू लागू होती है, तो सरकार एक ही झटके में लाखों लोगों से राशन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे अधिकार छीन लेगी।” आगे कांग्रेस ने कहा, “मंत्री ललन सिंह का बयान उस साजिश को बेनक़ाब करता है जिससे सरकार लंबे समय से अंजाम देने की योजना बना रही है।:
केंद्र पर लगाए अधिकारी छीनने के आरोप
कांग्रेस ने अपने वोट चोरी को लेकर राहुल गांधी की चेतावनी की चर्चा भी की और कहा, “सरकार जनता का भविष्य और अधिकार छीनने साजिश को अंजाम देने में जुट चुकी है। हम इन साजिशों का पर्दाफाश करेंगे और जनता के लिए उनके अधिकारों को सुनिश्चित करेंगे।”
सरकार कर रही हक चोरी करने की साजिश- जयरायम रमेश
कांग्रेस नेता जयरायम रमेश ने आधार के इस्तेमाल को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “आधार का इस्तेमाल अब उस काम के लिए नहीं किया जाएगा, जिसके लिए इसे बनाया गया था।” सरकारी योजनाओं के भुगतान के लिए वोटर आईडी के इस्तेमाल की योजना को लेकर मोदी सरकार पर कई सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा,” यदि ऐसा होता है तो लाखों लोग सामाजिक कल्याण और सामाजिक सुधार योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाएंगे।अगर वोटर आईडी को इसका आधार बना दिया गया तो और भी ज्यादा लोग बड़े पैमाने परियोजनाओं से बाहर होंगे। आगे उन्होंने कहा कि, “वोट की चोरी बस एक ट्रेलर है। पूरी फिल्म तो अधिकारों और हकों की चोरी की है।”
“सरकारी योजनाओं का भुगतान अब आधार कार्ड नहीं, बल्कि वोटर ID और बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन से होगा”
– ये बात मोदी सरकार के मंत्री ललन सिंह ने कही है
मतलब: मोदी सरकार ने एक झटके में करोड़ों लोगों से राशन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं… ये सारे अधिकार छीन लिए।
ललन सिंह का बयान उस साजिश से पर्दा उठा रहा है, जिसे मोदी सरकार बहुत पहले से अंजाम देने की फिराक में थी।
राहुल गांधी जी ने पहले ही आगाह कर दिया था कि अभी तो मोदी सिर्फ ‘वोट चोरी’ कर रहे हैं। कल को ये आपका भविष्य और हक भी चोरी कर लेंगे।
… और अब मोदी सरकार इसी काम में लगी है।
लेकिन नरेंद्र मोदी और उनका पूरा गिरोह याद रखे – कांग्रेस के होते हुए ये मुमकिन नहीं। हम हर साजिश का पर्दाफाश करेंगे और जनता को हक दिलवाकर रहेंगे।
— Congress (@INCIndia) November 5, 2026
पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने एक नहीं, दो बार कहा है कि सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह अब वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या मोदी सरकार की यह अब आधिकारिक नीति है?
अगर ऐसा है, तो इसका मतलब है कि आधार का इस्तेमाल उस मूल मकसद के लिए नहीं होगा, जिसके लिए इसकी परिकल्पना की गई थी और इसे बनाया गया था।
इस बात को लेकर जायज़ चिंताएं रही हैं कि आधार के इस्तेमाल के तरीके के चलते लाखों लोग सामाजिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं। अब अगर SIR को इसका आधार बनाया गया, तो बड़े पैमाने पर और भी अधिक लोगों को इन योजनाओं से बाहर कर दिया जाएगा।
वोट चोरी तो बस ट्रेलर है। पूरी फिल्म तो हक़-हुकूक की चोरी है।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) November 5, 2026

