केंद्रीय कर्मचारियों को एक और बड़ा झटका, मार्च 2021 तक नहीं बढ़ेगी सैलरी

केंद्रीय कर्मचारियों को एक और बड़ा झटका, मार्च 2021 तक नहीं बढ़ेगी सैलरी

नई दिल्ली| कोरोना वायरस (Corona Virus) और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर हुआ है| वहीं इसका असर कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है| केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को टालने के बाद अब कर्मचारियों को एक और बड़ा झटका लगा है| केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों के एनुअल अप्रेजल (इंक्रीमेंट) को अगले साल तक के लिए टाल दिया है| यानी इस साल वेतन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर फिलहाल ब्रेक रहेगा| केंद्रीय कर्मचारियों को अपने एनुअल अप्रेजल यानि इंक्रीमेंट के लिए अगले साल तक रुकना पड़ेगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 2019-20 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के एनुअल परफॉर्मेंस एसेसमेंट रिपार्ट (APAR) के लिए तारीख आगे बढ़ा दी है। अब मार्च 2021 तक यह तारिख बढ़ा दी गई है। इससे तय हो गया कि अगले साल मार्च से पहले अप्रेजल प्रक्रिया नहीं होगी और उसके बाद ही इंक्रीमेंट लगेगा।

डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग (DoPT) ने एक ऑर्डर जारी किया है| इस नए ऑर्डर के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के एनुअल परफॉर्मेंस एसेसमेंट रिपार्ट (APAR) को पूरा करने की मियाद बढ़ा दी है| इसे बढ़ाकर अगले साल मार्च 2021 तक कर दिया गया है| इससे इंक्रीमेंट के लिए कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ेगा। सरकार के इस फैसले से ग्रुप ए, बी और सी के अधिकारी-कर्मचारी प्रभावित होंगे। बता दें कि सामान्यत: APAR की ये प्रक्रिया हर बार 31 मई तक पूरी होती है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले कर्मचारी सेल्‍फ अप्रेजल फॉर्म भरकर अपने रिपोर्टिंग ऑफिसर को जमा करता है। इसके बाद यहां से ये रिपोर्ट को रिव्यूयिंग ऑफिसर के पास पहुंचती है। लॉकडाउन के चलते केंद्रीय कर्मचारी सेल्‍फ अप्रेजल फॉर्म नहीं जमा करा पाए हैं। जबकि कई स्थानों पर उच्च अधिकारी परफॉर्मेंस रिव्यू नहीं कर पाए हैं। ऐसे में सरकार को ये प्रक्रिया आगे बढ़ाना पड़ी है।

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को टाल दिया गया था| वित्त मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि कोविड-19 से उत्पन्न संकट को देखते हुए निर्णय लिया गया है|

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