अटल पेंशन योजना में हुआ बड़ा बदलाव, इस दिन से लागू होंगे नए नियम, यहाँ जानें

अटल पेंशन योजना में हुआ बड़ा बदलाव, इस दिन से लागू होंगे नए नियम, यहाँ जानें

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। अटल पेंशन योजना (Atal Pension Scheme) में बड़े बदलाव हुए हैं। यदि आप भी सरकार कि इस स्कीम से जुड़े हैं तो यह खबर जरूर पढ़े। रिपोर्ट के मुताबिक अटल पेंशन स्कीम के एपीवाई में बड़ा बदलाव हुआ है। जो भी व्यक्ति इनकम टैक्सपेयर है वो इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। रिपोर्ट की मानें तो जो व्यक्ति इनकम टैक्स का भुगतान करते हैं वो इस स्कीम के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। यह नए नियम 1 अक्टूबर, 2022 से लागू होंगे।

यह भी पढ़े… Redmi 11 Prime 5G और Redmi A1 की जल्द होगी मार्केट में एंट्री, दोनों होंगे बजट स्मार्टफोन्स, इतनी होगी कीमत

वित मंत्रालय के इस फैसले का गजत नोटिफिकेशन 10 अगस्त को जी जारी किया था। इन नए नियमों के तहत जो भी व्यक्ति इनकम टैक्स भुगतान करता है वो आवेदन करने के पात्र नहीं होगा। साथ ही यदि किसी ने पहले से स्कीम ले रखी है तो उसका अकाउंट बंद कर दिया जाएगा। यदि इस स्कीम के तहत अकाउंट में पैसा भी आया है तो उसे वापस लौटाना होगा।

यह भी पढ़े… Ayushman Yojana में बड़ा फ्रॉड, एक ही नंबर से बने इतने कार्ड, 200 से ज्यादा बार हो चुका इलाज

क्या है अटल पेंशन योजना?

अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक योजना है। इस स्कीम के तहत असंगठित श्रमिकों को न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाती है। 60 वर्ष की आयु होने प्रत्येक व्यक्ति के अकाउंट में 1000 रुपए, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये या 5000 रुपये तक की राशि केंद्र द्वारा प्रदान की जाती है। इस योजना के लिए हर भारतीय नागरिक अप्लाइ कर सकता है। हालांकि नियमों में बदलाव होने के कारण इनकम टैक्स भरने वाले लोग इसके पात्र नहीं होंगे। इस स्कीम से जुडने के लिए 18 से 40 वर्ष आयुवर्ग के लोगों का सेविंग अकाउंट होना चाहिए।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews