
Himachal Pradesh Employees DA Arrears : हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते और एरियर के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। चुंकी हाल ही में पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर कर्मचारियों पेंशनरों को उम्मीद थी कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू डीए और एरियर की एक किश्त जारी करने की घोषणा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिसके चलते कर्मचारियों पेंशनरों में रोष बढ़ता ही जा रहा है।
2022 से लंबित है महंगाई भत्ता और एरियर
राज्य में कर्मचारियों पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते की किस्तें जुलाई 2022 से लंबित हैं। पहली किस्त एक जुलाई 2022 , दूसरी एक जनवरी 2023 और तीसरी किस्त एक जुलाई 2023 से देय है। वर्तमान में कर्मचारियों को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, जबकि केंद्र में यह 46 प्रतिशत है। केंद्र से तुलना की जाए तो 12 प्रतिशत डीए जारी करने का कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं।
यदि सरकार प्रदेश के कर्मचारी वर्ग को बकाया कुल डीए का भुगतान करना चाहे तो उसे दो हजार करोड़ से अधिक की धनराशि की आवश्यकता रहेगी।हालांकि बीते दिनों हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कर्मचारी नेताओं के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वादा किया था कि उनकी सरकार जल्द ही डीए की किस्त देने का प्रयास करेगी, लेकिन अबतक इस पर कोई फैसला ना होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारियों में बढ़ने लगी नाराजगी
राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ संबंध जीईएनसी एवं भामंस का कहना है कि चुनाव से पूर्व कांग्रेसी नेताओं ने कर्मचारी वर्ग से लुभावने वादे किए थे, लेकिन सरकार का एक वर्ष से अधिक समय होने के बाबजूद अभी तक महंगाई भत्ते की एक भी किस्त भी अदा नहीं की गई जबकि केंद्र से अभी भी 12 प्रतिशत डीए कम मिल रहा है। जनवरी 2024 से महंगाई भत्ते की एक किस्त और देय है।2016 से नए वेतनमान का बकाया एरियर भी अभी तक लंबित है। जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने केवल एक किस्त चुतर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 60 हजार व अन्य को 50 हजार रुपए जारी की थी,वर्तमान सरकार ने चुनाव से पूर्व अदा करने का वादा किया था लेकिन अब सब कुछ भूल गए।
विधानसभा में सीएम एक दो साल में भुगतान की कहीं थी बात
गौरतलब है कि दिसंबर में शीतकालीन सत्र के प्रश्नकाल के दौरान जब विधायक राजेंद्र राणा ने छठे वेतन आयोग के एरियर को लेकर सवाल किया था, इसका जवाब देते हुए सीएम ने कहा था कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के पेंशनभोगी कर्मियों को छठे वेतन आयोग के अनुसार संशोधित पेंशन देने का मामला भी सरकार के विचाराधीन है।कर्मचारियों और पेंशनरों को एरियर के रूप में सरकार को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करना है।
सीएम ने कहा था कि बदहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में समय लग रहा है और छठे वेतन आयोग के एरियर की 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी है, ऐसे में एक-दो साल में एरियर भी जारी कर दिया जाएगा।हमने वादा के मुताबितक सत्ता में आते ही पुरानी पेंशन (OPS) को बहाल कर दिया है और अभी तक 500 से अधिक पेंशनभोगियों (Pensioners) को पुरानी पेंशन मिलनी शुरू हो गई है, ऐसे में एरियर में समय लग सकता है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

