Brics Summit में आज PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच हो सकती है द्विपक्षीय बैठक, जानिए अमेरिका की क्यों टिकी है इसपर नजर?

Brics Summit में आज प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है। दरअसल 2020 में हुई गलवान झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बाइलेटरल मीटिंग होने वाली है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है।
Brics Summit में आज PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच हो सकती है द्विपक्षीय बैठक, जानिए अमेरिका की क्यों टिकी है इसपर नजर?

PM मोदी और शी जिनपिंग

16वीं Brics Summit रूस के कजान शहर में चल रही है। इस महत्वपूर्ण समिट में हिस्सा लेने के लिए PM नरेंद्र मोदी भी रूस पहुंचे हैं। वहीं भारत के नजरिए से यह समिट बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी कई मुद्दों पर चर्चा की संभावनाए जताई जा रही है। वहीं मंगलवार रात डिनर के दौरान PM मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी नजर आए।

दरअसल गलवान झड़प के 4 साल बाद PM मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह मुलाकात हो रही है। हालांकि अभी तक दोनों के बीच एकांत चर्चा नहीं हुई है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है की इस समिट के दौरान PM मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।

Brics Summit पर टिकी दुनिया की नजरें

जानकारी दे दें कि इस समिट पर न सिर्फ भारत और चीन की बल्कि पूरी दुनिया की नजरे टिकी हैं। दरअसल अमेरिका जैसे बड़े देश भी Brics Summit पर नजर बनाए हुए हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि इस समिट में भारत, रूस और चीन दुनिया के तीन बड़े देश 5 साल बाद एक टेबल पर दिखाई देंगे। बता दें कि तीनो देशों को ताकतवर देशों में गिना जाता है। वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि आज प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक कर सकते है।

भारत और चीन के लिए क्यों जरूरी है Brics Summit?

दरअसल भारत और चीन के बीच रिश्ते सुधारने का यह अच्छा मौका माना जा रहा है। एक तरफ जहां भारत और कनाडा के बीच चल रहे तनाव में अमेरिका कनाडा की तरफ नजर आ रहा है तो ऐसे में चीन और भारत के बीच मजबूत हो रहे रिश्ते को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि भारत और रूस के बीच हमेशा से ही मजबूत कूटनीतिक रिश्ते नजर आए है। वहीं अब इस समिट के दौरान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर भी बात होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग को लेकर भारत और चीन के बीच नई सहमति पहले ही बन चुकी है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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