Delhi News: दिल्ली नई स्टार्टअप पॉलिसी, 5000 स्टार्टअप खड़े करने में मदद करेगी सरकार

Delhi News: दिल्ली  नई स्टार्टअप पॉलिसी, 5000 स्टार्टअप खड़े करने में मदद करेगी सरकार

rekha gupta

दिल्ली अब सिर्फ राज­धानी नहीं, बल्कि भविष्य का “इनोवेशन हब” बनने की राह पर है। राजधानी सरकार ने एक नई स्टार्टअप नीति का मसौदा तैयार किया है, जो अगले दस सालों में दिल्ली को ग्लोबल लेवल स्टार्टअप केंद्र में बदलने का सपना देखती है. इस नीति में रुपए200 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड, विविध सेक्टरों में व्यापार की राह आसान बनाने वाले इंसेंटिव्स और युवाओं, महिलाओं व सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए खास योजनाएं शामिल हैं।

नई ड्राफ्ट नीति के अनुसार, दिल्ली सरकार 200 करोड़ रुपए वाला दिल्ली स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड बनाएगी, जिससे स्टार्टअप्स को शुरुआती समय में वित्तीय मदद मिलेगी। इसका लक्ष्य अगले दस सालों में लगभग 5,000 स्टार्टअप्स को स्थापित करना है, जिससे रोजगार का नया रास्ता खुलेगा और नवप्रवर्तन को बढ़ावा मिलेगा। यह फंड हेल्थकेयर, फिनटेक, ग्रीन टेक, गेमिंग, रोबोटिक्स समेत 18 प्रमुख क्षेत्रों में काम करने वाले नए उद्यमों को लक्षित करेगा।

ड्राफ्ट पॉलिसी में क्या शामिल है?

दिल्ली सरकार की नई स्टार्टअप नीति के ड्राफ्ट में कई उभरती हुई तकनीकों और क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस (SaaS), बायोटेक्नोलॉजी, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (UAVs) जैसे क्षेत्र प्रमुख रूप से जोड़े गए हैं। ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि दिल्ली आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में गिनी जाती है।

उद्यमशीलता संस्कृति मौजूद

यहां बड़े सरकारी संस्थान, व्यापार के अनुकूल ढाँचा और लगातार मजबूत होती उद्यमशीलता संस्कृति मौजूद है। इसी कारण दिल्ली तेजी से आईटी और आईटीईएस सेक्टर का मजबूत हब बनकर उभरी है। नीति के इन सेक्टोरल फोकस एरियाज़ का चुनाव भी इसी ताकत को देखते हुए किया गया है। साथ ही, यह भी जोड़ा गया है कि भविष्य में बाजार की जरूरत और नई तकनीकों के आधार पर स्टार्टअप मॉनिटरिंग कमेटी अन्य क्षेत्रों को भी इस सूची में शामिल कर सकती है।

कैसे मिलेगा लाभ?

स्टार्टअप्स को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में भी सहयोग दिया जाएगा। घरेलू प्रदर्शनियों में भाग लेने पर 5 लाख रुपए तक और विदेश में होने वाली प्रदर्शनियों पर 10 लाख रुपए तक की 100% रिइम्बर्समेंट मिलेगी। ऑपरेशनल खर्च के लिए एक साल तक रुपए2 लाख प्रति माह की आर्थिक मदद दी जाएगी। पात्र स्टार्टअप्स इन लाभों के लिए “दिल्ली सिंगल विंडो सिस्टम” के ज़रिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने के बाद नोडल एजेंसी दस्तावेजों की जांच करेगी और योग्य स्टार्टअप्स की सूची स्टार्टअप टास्क फोर्स को भेजी जाएगी। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद स्टार्टअप पोर्टल पर आवेदक को इसकी सूचना मिल जाएगी।

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