एक ओर देश के कई हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जारी है तो वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित किया। दरअसल इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, पीएम श्री, पीएम पोषण और निपुण भारत जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ का सबसे मजबूत आधार स्कूल शिक्षा है।
सम्मेलन में क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
दरअसल धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि आगामी 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लागू होने के छह वर्ष पूरे होंगे। इस अवसर पर राज्यों के साथ समग्र शिक्षा, पीएम श्री, पीएम पोषण और निपुण भारत जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस विषय पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों की साझेदारी से ही इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।
आज @EduMinOfIndia द्वारा आयोजित विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर आगामी 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन के छह वर्ष पूर्ण होने के संदर्भ में समग्र शिक्षा, PM SHRI, PM POSHAN, NIPUN सहित School Education… pic.twitter.com/sfsfjaW03l
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 22, 2026
स्कूल शिक्षा पर दिया जोर
वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में स्कूल शिक्षा की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश के लगभग 30 करोड़ स्कूली बच्चों के लिए फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN), मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास, खेल, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत किया जा रहा है।
दूसरी तरफ जारी है विरोध
वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। दरअसल एक बार फिर बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वहीं प्रदर्शनकारी पुलिस पर बल प्रयोग के आरोप लगा रहे हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने एक RAF जवान पर हमले के मामले में एफआईआर भी दर्ज की है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
अन्ना हजारे ने भी लिखा पत्र
दरअसल सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि छात्रों के आंदोलन के बीच किसी मंत्री से जवाबदेही तय करना सरकार को कमजोर नहीं करेगा, बल्कि शासन व्यवस्था को मजबूत करेगा। उन्होंने युवाओं की पेपर लीक, भर्ती में देरी और बेरोज़गारी जैसी चिंताओं का भी उल्लेख किया।
सरकार ने क्या कहा?
बता दें कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर सरकार विचार करेगी और संवाद का रास्ता खुला है।






