पीएम मोदी की तस्वीर से संघटन की शक्ति का उदाहरण और राहुल गांधी के लिए ‘कन्वेंस करना कठिन’ वाली बात, आखिर क्या है दिग्विजय सिंह के बयान के मायने

अगर दिग्विजय सिंह बीजेपी और आरएसस की प्रशंसा करें तो सवाल और बवाल दोनों होंगे। CWC की बैठक से पहले उन्होंने अपने विरोधी दल की एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए संगठन की शक्ति को लेकर समझाइश दी है। ज़ाहिर है, विरोधी दल के संगठनात्मक मॉडल की सराहना किए जाने के बाद अब बहुत से सवाल खड़े हो रहे हैं।
Digvijaya Singh

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक होने से पूर्व संगठन सुधार और पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर समझाइश दी। कुछ समय पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा था कि ‘सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर आपकी राय बिल्कुल सटीक है। लेकिन अब कृपया कांग्रेस पर भी ध्यान दें।’ इतना ही नहीं..उन्होंने तो ये भी कह दिया कि राहुल गांधी को ‘कन्वेंस’ करना कठिन है।

वहीं, शनिवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक से ठीक पहले दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें मोदी बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को उन्होंने आरएसएस और बीजेपी के संगठनात्मक बल का उदाहरण बताते हुए लिखा है कि कैसे जमीनी कार्यकर्ता राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचता है।

दिग्विजय सिंह ने कहा ‘राहुल गांधी को कन्वेंस करना कठिन’

अक्सर अपने बयानों से विवादों में घिरे रहने वाले दिग्विजय सिंह एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इसी के साथ ये सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या वे कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली से नाखुश हैं। उनकी हाल की सोशल मीडिया पोस्ट कुछ ऐसा ही संकेत देती हैं। पहले उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर राहुल गांधी को टैग करते हुए एक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी जी…सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर आपकी राय बिल्कुल सटीक है। पूरे अंक। लेकिन अब कृपया कांग्रेस पर भी ध्यान दें। चुनाव आयोगकी तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को भी सुधारों की आवश्यकता है। आपने “संघटन” से शुरुआत की है, लेकिन हमें अधिक व्यावहारिक विकेंद्रीकृत कार्यप्रणाली की आवश्यकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप इसे कर लेंगे क्योंकि मुझे पता है कि आप इसे कर सकते हैं।” पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा कि ‘समस्या बस इतनी है कि आपको कन्वेंस करना आसान नहीं है’। सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक CWC की बैठक में भी उन्होंने संगठन के केंद्रीकरण का का मुद्दा उठाया और कहा कि कांग्रेस संगठन में विकेंद्रीकरण की आवश्यता है।

बीजेपी-आरएसएस-नरेंद्र मोदी की तस्वीर साझा की

अगर दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता बीजेपी या आरएसएस की किसी बात की प्रशंसा करें तो हंगामा होना स्वाभाविक है। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से ठीक पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं की एक पुरानी तस्वीर साझा की। इसमें लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नज़र आ रहे हैं और नरेंद्र मोदी नीचे बैठे हैं। इस पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि “Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का ज़मीनी स्वयं सेवक व जनसंघ बीजेपी का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संघटन की शक्ति है।”

इस बारे में जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ‘मैंने संगठन की तारीफ की है। मैं आरएसएस का, मोदी जी का और नीतियों का घोर विरोधी रहा हूं और रहूंगा।” एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘संगठन को मज़बूत करना या उसकी तारीफ करना क्या बुरी बात है’। उन्होंने कहा कि अगर आप मेरे मुख्यमंत्री काल या कांग्रेस अध्यक्ष काल को देखेंगे तो जानेंगे कि मैं हमेशा विकेंद्रीकरण के पक्ष में रहा हूं।

Digvijaya Singh Shares BJP-RSS Modi Photo

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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