कमर में छिपा कर ले जा रहा था डेढ़ करोड़ का सोना, DRI टीम ने तस्कर को पकड़ा

कमर में छिपा कर ले जा रहा था डेढ़ करोड़ का सोना, DRI टीम ने तस्कर को पकड़ा

रायपुर, डेस्क रिपोर्ट। तस्करी पर निगाह रखने वाली DRI (डायरेक्टर रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की टीम ने रेलवे स्टेशन से एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने के बिस्कुट जब्त किये हैं। तस्कर कमर में छिपाकर सोने के बिस्कुट ले जा रहा था।  जब्त किये गए सोने के बिस्कुटों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। तस्कर विदेशी मूल का बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार DRI की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दुरंतो इसकप्रेस से कोई व्यक्ति बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी कर ले जा रहा है। DRI ने रायपुर आरपीएफ की मदद ली।  टीम ने जैसे ही ट्रेन में सर्चिंग शुरू की एक व्यक्ति ट्रेन से उतरकर भागने लगा, पुलिस की नजर ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

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पुलिस ने जब युवक की तलाशी ली तो उसकी कमर में 20 सोने के बिस्कुट निकले जो एक कपडे में लिपटे हुए थे।  बिस्कुटों के अलावा युवक के पास से सपने की एक ईंट भी मिली है। पूछताछ में युवक ने अपना नाम अनिल नारायण रजाई बताया है वो नागपुर महाराष्ट्र का रहने वाला है। वो हावड़ा सीएसटीएम दुरंतो एक्सप्रेस से नागपुर की तरफ जा रहा था।

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गिरफ्तार तस्कर अनिल विदशी मूल का बताया गया है, पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार तस्कर अनिल छत्तीसगढ़ के बड़े सोना व्यापारियों के संपर्क में भी था , उसके पास से मिले सोने का वजन 3.33 किलोग्राम है जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। DRI की टीम मामले की जाँच कर रही है। बताया जा रहा है कि पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर DRI की टीम और जगह दबिश दे सकती है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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