फ्लाइट लेट, गुस्साए यात्री ने पायलट को जड़ा थप्पड़, बोला- चलाना है चला, नहीं तो खोल गेट, पुलिस ने हिरासत में लिया

Passenger slaps pilot in Indigo flight

Passenger slaps pilot in Indigo flight : इंडिगो की फ्लाइट में हुई देरी ने एक यात्री को इतना असहज कर दिया कि उसने पायलट पर ही हमला कर दिया, गुस्साये यात्री ने पायलट को थप्पड़ जड़ दिया, यात्री ने चिल्लाकर कर कहा कि “चलाना हो तो चला, नहीं चलाना तो खोल गेट” घटना होते ही अन्य यात्रियों ने उसे शांत किया, हमला करने वाले यात्री की पहचान साहिल कटारिया के रूप में हुई है उसे शिकायत के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सर्दी और कोहरे से सामान्य जनजीवन डिस्टर्ब हो गया है, हवाई सेवा पर इसका बहुत बुरा असर हो रहा है, कोहरे के कारण प्लेन की उड़ान भरने में कई कई घंटों की देरी हो रही ही जिससे यात्रियों को तकलीफ हो रही है , हालत ये होने लगे है कि कुछ यात्री उड़ान में देती से उग्र होने लगे हैं और हमलावर भी हो रहे हैं।

प्लेन के उड़ान भरने पर देरी से भड़का यात्री, पायलट को जड़ा थप्पड़ 

आज का घटनाक्रम इंडिगो की दिल्ली-गोवा फ्लाइट 6E-21 75 का है, दरअसल फ्लाइट 10 घंटे से ज्यादा लेट हो चुकी थी, कोहरे के कारण प्लेन के उड़ान भरने में और देरी हो रही थी, जब सह पायलट अनूप कुमार ये बताने आये की जहाज के उड़ान भरने में अभी और देरी होगी तो यात्री साहिल भड़क गए, वे अपनी सीट से उठे और उन्होंने को पायलट अनूप कुमार को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।

यात्री को दिल्ली पुलिस ने लिया हिरासत में 

यात्री साहिल ने चिल्लाकर कहा “चलाना है चला, नहीं चलाना है तो खोल गेट, हम क्या यहाँ पागल बैठे हैं, यात्री के हमले के बाद एयर होस्टेस और अन्य फ्लाइट स्टाफ ने इसपर आपत्ति जताई और कहा गलत है सर आप ये नही कर सकते, घटना के बाद हालाँकि यात्री ने अपने किये पर माफ़ी मांगी लेकिन पायलट ने पुलिस में इसकी शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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