Government Scheme: केन्द्रीय सरकार की इस योजना के तहत बेटियों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये? यहाँ जानें इसका सच

Government Scheme: केन्द्रीय सरकार की इस योजना के तहत बेटियों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये? यहाँ जानें इसका सच

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Government Scheme: केन्द्रीय सरकार द्वारा कई योजनाएं महिलाओं और बेटियों के लाभ के लिए चलाई जाती है। इन योजनाओं का मकसद बेटियों की को सशक्त बनाना होता है, जिसके तहत लड़कियों को पढ़ाई से लेकर शादी तक में मदद मिलती है। कुछ दिनों से “प्रधानमंत्री कन्या आशीर्वाद योजना” नामक एक योजना की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यूट्यूब के एक चैनल पर इस योजना का दावा किया गया है। जिसके तहत मोदी सरकार बेटियों को 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि देगी। आइए जानें इस योजना का सच।

हाल ही में सरकारी गुरु नामक के यूट्यूब चैनल ने एक वीडीयो अपलोड करते हुए यह दावा किया था की केंद्र सरकार प्रधानमंत्री कन्या आशीर्वाद योजना के तहत बेटियों को 1,50,000 रुपये की राशि देती है। इतना ही नहीं वीडियो में आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया है। जिसे PIB फ़ैक्ट चेक ने फर्जी करार कर दिया है। PIB ने कहा की “सरकारी गुरु नाम के यूट्यूब चैनल की एक वीडियो में दावा किया गया है “प्रधानमंत्री कन्या आशीर्वाद योजना” के तहत सभी बेटियों को 1,50,000 रुपये की राशि मिलेगी। यह दावा फेक है। केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है।”

आजकल सोशल मीडिया पर कई भ्रामक मैसेज वायरल होते हैं। यह पता लगाना मुश्किल होता है की क्या सच है और क्या झूठ। ऐसे में यह यूजर्स का काम होता है की वो सुनी-सुनाई खबरों पर ना आए। और उसस संस्थान से जुड़ी ऑफिशियल वेबसाईट पर जाकर सच का पता करें।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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