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सीएम उमर अब्दुल्ला पर उनके ही सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी का हमला, कहा- बुराई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे, जानें पूरा मामला

Written by:Gaurav Sharma
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की है। मेहदी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की स्पष्ट निंदा नहीं की। इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नाम से जारी बयान में US-इजराइल के जॉइंट स्ट्राइक में हुई हत्या की कड़ी आलोचना दर्ज कराई है।
सीएम उमर अब्दुल्ला पर उनके ही सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी का हमला, कहा- बुराई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे, जानें पूरा मामला

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सोमवार को बयानबाजी तेज हो गई, जब श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर सीधे सवाल उठाए। मेहदी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया केवल चिंता तक सीमित रही और उसमें निंदा का स्पष्ट स्वर नहीं था।

मेहदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना लिखा कि उन्होंने ट्वीट्स और बयानों को देखा, लेकिन उनमें निंदा तो दूर, श्रद्धांजलि का एक शब्द भी नहीं मिला। उनके मुताबिक, अगर किसी नेता में इस तरह की घटना पर स्पष्ट रुख लेने की हिम्मत नहीं है, तो केवल चिंता जताने का संदेश उन लोगों के लिए अर्थहीन हो जाता है जो खामेनेई को मानते और सम्मान करते रहे हैं।

मेहदी का आरोप: निंदा से बचने की कोशिश

सांसद ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि अगर एक आजाद देश के खिलाफ हमले और एक धार्मिक हस्ती की हत्या की बुराई करने का साहस नहीं दिखाया जाता, तो ऐसी चिंता को निजी दायरे में ही रखना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वोटर और साथी नागरिक इस मुद्दे को गंभीरता से देखते हैं, लेकिन केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों की नाराजगी के डर से नरम प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है।

अगर आप एक आजाद देश के खिलाफ हमले और एक बहुत सम्मानित धार्मिक हस्ती की हत्या की बुराई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, तो अपनी चिंता अपने पास ही रखें।- आगा रूहुल्लाह मेहदी

मेहदी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब उनके और सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के रिश्तों को पहले से ही खराब माना जा रहा है। श्रीनगर सीट से सांसद होने के बावजूद उनका पार्टी नेतृत्व से टकराव समय-समय पर सार्वजनिक रूप से सामने आता रहा है, और सोमवार की टिप्पणी ने उस दूरी को फिर उभार दिया है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा था

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को X पर पोस्ट कर ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर चिंता जताई थी। उनके पोस्ट में कहा गया कि वह अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को लेकर बहुत चिंतित हैं और सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने तथा ऐसे किसी भी कदम से बचने की अपील करते हैं जिससे तनाव या अशांति बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री का यह संदेश कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति के संदर्भ में था, लेकिन मेहदी ने इसे पर्याप्त नहीं माना। इसी बिंदु को लेकर दोनों रुखों में अंतर स्पष्ट हुआ-एक तरफ शांति की अपील, दूसरी तरफ घटना की स्पष्ट निंदा की मांग।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का आधिकारिक बयान

विवाद के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नाम से बयान जारी किया। पार्टी के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला ने US और इजराइल के जॉइंट स्ट्राइक में खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की और इसे दुखद तथा अस्थिर करने वाला घटनाक्रम बताया।

बयान में यह भी कहा गया कि इस तरह की कार्रवाई का क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर गंभीर असर पड़ेगा। यानी पार्टी संगठन की ओर से शब्दों का स्तर मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया से अलग दिखाई दिया, और राजनीतिक चर्चा का केंद्र यही अंतर बन गया।

फिलहाल, पूरा विवाद सार्वजनिक बयानों और X पोस्ट के आधार पर आगे बढ़ रहा है। मेहदी की आलोचना, मुख्यमंत्री की शांति अपील और पार्टी अध्यक्ष के नाम से जारी कठोर बयान-इन तीनों ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नई बहस खड़ी कर दी है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर राज्य नेतृत्व का सार्वजनिक रुख कितना स्पष्ट और कितना संतुलित होना चाहिए।

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