कर्नाटक हाई कोर्ट ने मलूर विधायक का रद्द किया चुनाव, वोटों की दोबारा गिनती का आदेश; कांग्रेस को तगड़ा झटका

न्यायमूर्ति आर. देवदास ने याचिका पर विस्तृत सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। हालांकि, कांग्रेस विधायक की अपील पर कोर्ट ने अपने फैसले पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका देते हुए मलूर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक के. गौड़ा के चुनाव को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने मई 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर डाले गए वोटों की चार सप्ताह के भीतर दोबारा गिनती करने का आदेश दिया है। यह फैसला भाजपा उम्मीदवार के.एस. मंजूनाथ गौड़ा की याचिका पर आया, जिन्होंने वोटों की गिनती में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। मंजूनाथ गौड़ा 248 वोटों के अंतर से नंजे गौड़ा से हार गए थे।

विस्तृत सुनवाई के बाद आया फैसला

न्यायमूर्ति आर. देवदास ने याचिका पर विस्तृत सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। हालांकि, कांग्रेस विधायक की अपील पर कोर्ट ने अपने फैसले पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें। यदि विधायक को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती तो मलूर सीट एक महीने बाद रिक्त हो जाएगी। यह फैसला कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि नंजे गौड़ा कर्नाटक कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) के अध्यक्ष बनने की योजना बना रहे थे।

‘वोट चोरी की राजनीति पर करारा प्रहार’

भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे कांग्रेस की वोट चोरी की राजनीति पर करारा प्रहार बताया है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “यह कांग्रेस की वोट चोरी की राजनीति का सीधा आरोप है।” उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से सवाल किया कि कांग्रेस ने मलूर के लोगों का जनादेश कैसे चुराया। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में राहुल गांधी ने बेंगलुरु से कांग्रेस की राष्ट्रव्यापी वोट चोरी अभियान की शुरुआत की थी।

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