पश्चिम बंगाल: LPG महंगाई पर सियासत तेज, ममता बनर्जी ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान, कहा- नारी विरोधी है BJP 

ममता बनर्जी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एलपीजी सिलेंडर कीमतों में वृद्धि को लेकर विरोध रैली का ऐलान किया है। SIR को लेकर भी बीजेपी और ECI पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, "नारी विरोधी भाजपा के खिलाफ बंगाल की महिलायें सड़क पर उतरेंगी" 
Mamata Benerjee

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि हुई है। जिसे लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। 7 मार्च को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने बंगाल की महिलाओं से महिला दिवस यानी 8 मार्च को विशाल विरोध रैली में भाग लेने की अपील की है। इसके अलावा भाजपा पर कई गंभीर आरोपों भी लगाए हैं।

सीएम ने भाजपा सरकार की नीतियों को महिलाओं की हितों के खिलाफ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, “केंद्र सरकार ने एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं। जिसका सीधा घर के बजट पर पड़ेगा। अब नागरिकों को 21 दिन ही दिन पहले गैस बुकिंग करनी होगी। अगर घर का एलपीजी खत्म जाता है, तो 21 दिन तक क्या करेंगे और क्या खाएंगे?

ईंधन के कीमतों को बीजेपी ने बोला हमला

बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती ने की टीएमसी सरकार ईंधन पर अधिक टैक्स लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि, “देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पश्चिम बंगाल में पेट्रोल और डीजल महंगे क्यों है?” इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि बंगाल में बीजेपी की सत्ता आने पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

SIR को लेकर चुनाव आयोग और BJP पर साधा निशान 

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बंगाल मुख्यमंत्री ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने, कहा कि, “साइलेंट इनविजिबल रिगिंग के जरिए महिला वोटर के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। लाखों असली महिला वोटर के नाम से मतदाता सूची से इसलिए हटाए जा रहे हैं, क्योंकि शादी के बाद उनके सरनेम या एड्रेस बदल गए।”

बीजेपी कर रही बंगाल को तोड़ने की कोशिश- ममता बनर्जी 

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर “देश में फूट डालो और राज करो” की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने एसआईआर, एनआरसी और सीएए पर लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि, “इन नीतियों के जरिए समुदाय को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।  जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। एसआईआर से लोगों को वोट देने से रोकने की साजिश कर रहे हैं। लेकिन अब न बंटवारा होगा, न नाम डिलीट होंगे।”

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews