NEET पेपर लीक पर कांग्रेस की नई पहल, प्रदर्शनकारियों की जंग लड़ेंगी Gen-Z गुरमेहर कौर, जानिए क्या है पूरा मामला?

NEET पेपर लीक आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों को कानूनी सहायता देने के लिए नई हेल्पलाइन शुरू की है। दरअसल Gen-Z एक्टिविस्ट गुरमेहर कौर को इस अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया गया है।
NEET पेपर लीक पर कांग्रेस की नई पहल, प्रदर्शनकारियों की जंग लड़ेंगी Gen-Z गुरमेहर कौर, जानिए क्या है पूरा मामला?

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में बड़ा कदम उठाया है। दरअसल पार्टी ने आंदोलन में शामिल छात्रों को कानूनी सहायता देने के लिए हेल्पलाइन शुरू की है। इस पहल की जिम्मेदारी युवा एक्टिविस्ट गुरमेहर कौर को दी गई है, जो छात्रों को कानूनी सलाह और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी।

दरअसल कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कई राज्यों में पुलिस कार्रवाई हुई, जबकि पहले ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया गया था। पार्टी का कहना है कि पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कुछ राज्यों में छात्रों पर एफआईआर दर्ज होने के मामले सामने आए हैं। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ (CKG) लीगल SOS हेल्पलाइन जारी की है, ताकि जरूरतमंद छात्रों को वकीलों और कानूनी सलाहकारों से तुरंत मदद मिल सके। इस पहल का मकसद आंदोलन में शामिल युवाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी देना भी है।

कांग्रेस की कानूनी हेल्पलाइन

दरअसल NEET पेपर लीक का मुद्दा पिछले कई महीनों से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर छात्रों ने अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए। कांग्रेस का कहना है कि कई प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस कार्रवाई और कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा, इसलिए उनके लिए अलग से लीगल सपोर्ट सिस्टम तैयार किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरमेहर कौर के साथ NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ और यूथ कांग्रेस की नेता रिचा सिंह भी मौजूद रहीं। कांग्रेस ने हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए कहा कि यदि किसी छात्र पर प्रदर्शन के दौरान मामला दर्ज होता है या उसे कानूनी मदद की जरूरत पड़ती है, तो वह इस सेवा का उपयोग कर सकता है। वहीं बिहार सरकार ने बाद में कुछ मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की घोषणा भी की, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों की स्थिति स्थानीय प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है।

क्यों चर्चा में है यह पहल

वहीं 29 वर्षीय गुरमेहर कौर लंबे समय से सामाजिक और छात्र मुद्दों पर अपनी राय रखती रही हैं। कांग्रेस ने उन्हें इस अभियान का प्रमुख चेहरा बनाकर युवाओं तक सीधा संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी का मानना है कि Gen-Z वर्ग के बीच उनकी पहचान इस अभियान को प्रभावी बना सकती है। गुरमेहर ने कहा कि किसी भी छात्र को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर कानूनी परेशानी में नहीं पड़ना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उसे उचित कानूनी सहायता मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। विपक्ष सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों की सुरक्षा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से परीक्षा सुधार और कार्रवाई को लेकर अपने दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में कानूनी हेल्पलाइन की यह पहल केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि उन छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है जो कानूनी प्रक्रिया को समझने और अपने अधिकारों की जानकारी पाने के इच्छुक हैं।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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