
Polio News Update : पोलियो वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने विदेश यात्रा पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। खासकर उन देशों से आने-जाने पर जहां पोलियो का प्रकोप अधिक है। इसके तहत केंद्र सरकार ने अफगानिस्तान, कैमरून, नाइजीरिया, पाकिस्तान, सोमालिया और सीरिया को स्थानिक देशों की श्रेणी में रखा है। इसके अलावा, मलावी, मोजाम्बिक, मेडागास्कर, कांगो और डीआर कांगो को पोलियो प्रभावित देशों की सूची में शामिल किया गया है।
यात्रा पर कड़ी निगरानी:
दरअसल भारत सरकार ने पोलियो प्रभावित 11 देशों से आने वाले यात्रियों पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है। इन देशों से आने वालों के लिए पोलियो वैक्सीन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार वैक्सीन प्रमाणपत्र के बिना किसी को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। यह कदम पोलियो के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि देश में पोलियो वायरस का खतरा न बढ़े।
दो वैक्सीन को मान्यता:
जानकारी के मुताबिक सरकार ने यात्रियों के लिए ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) और इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी) को मान्यता दी है। यात्रा से कम से कम 4 सप्ताह पहले इन वैक्सीन की खुराक लेना अनिवार्य है। बिना टीकाकरण के यात्रियों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह नियम भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों दोनों पर लागू होता है।
अनिवार्य टीकाकरण:
दरअसल केंद्रीय स्वास्थ्य महानिदेशालय की सहायक महानिदेशक डॉ. शिखा वर्धन ने एक पत्र जारी कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इसमें बताया गया है कि उम्र और टीकाकरण की स्थिति की परवाह किए बिना यात्रा से पहले एक खुराक लेना सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है। यह नियम उन भारतीय नागरिकों पर भी लागू होता है, जो इन प्रभावित देशों से यात्रा कर वापस आ रहे हैं। टीकाकरण के लिए वे अपने स्थानीय जिला अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं।
भारत सरकार का यह कदम पोलियो के संभावित प्रसार को रोकने के लिए है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पोलियो के खिलाफ सुरक्षा मजबूत हो, सभी यात्रियों को इस नियम का पालन करना आवश्यक होगा। इस तरह से, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पोलियो का खतरा देश में न फैले और सभी नागरिक सुरक्षित रहें।
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