
राखी बांधती सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन के पर्व को एक नई मिसाल के रूप में मनाया. उन्होंने दिल्ली नगर निगम के सफाईकर्मियों के साथ इस पवित्र त्योहार का जश्न मनाकर समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मान दिया. यह आयोजन ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में हुआ, जहां राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से सफाईकर्मी पहुंचे थे. सीएम रेखा गुप्ता ने खुद इन सफाईकर्मियों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उन्हें राखी बांधकर ‘स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली’ के संकल्प को एक बार फिर दोहराया. इस मौके पर उन्होंने सफाईकर्मियों की मेहनत और समर्पण को ‘दिल्ली की असली ताकत’ बताया.
सफाईकर्मियों के साथ बंधा भाईचारे का धागा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा- “मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में पधारे स्वच्छताग्रहियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया. उन्हें राखी बांधी और हम सब ने साथ मिलकर ‘स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली’ के संकल्प को फिर से दोहराया.” उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी न सिर्फ स्वच्छता मुहिम के सहभागी हैं, बल्कि इसकी रीढ़ की हड्डी हैं. “उनकी मेहनत और निस्वार्थ प्रयास दिल्ली को नया रूप देने का काम कर रहे हैं. उनके समर्पण को मैं दिल से सलाम करती हूं,” उन्होंने जोड़ा.
सफाईकर्मियों ने जताई खुशी और उम्मीद
इस खास अवसर पर मौजूद सफाईकर्मियों ने भी खुशी जताई. उनका कहना था कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने उन्हें इतने सम्मान के साथ रक्षाबंधन के पर्व पर बुलाया है. एक कर्मचारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने का भरोसा दिया है. इसके अलावा, नई भर्ती को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई.
31 अगस्त तक ‘कूड़े से आजादी’
दिल्ली सरकार 1 अगस्त से 31 अगस्त तक पूरे शहर में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान चला रही है. इस पहल में खुद मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने सक्रिय भागीदारी की है। रेखा गुप्ता ने कहा- “हम सबको इस अभियान में जुड़कर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली को स्वच्छ बनाने का संकल्प लेना चाहिए.”
नई परंपरा की शुरुआत
रक्षाबंधन के मौके पर सफाईकर्मियों के साथ त्योहार मनाना दिल्ली में एक नई परंपरा के रूप में देखा जा रहा है. यह न केवल भाईचारे और सम्मान का प्रतीक है, बल्कि समाज के उन लोगों को पहचान देने का प्रयास भी है, जो दिन-रात शहर को स्वच्छ रखने में जुटे रहते हैं. इस कदम से संदेश गया है कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
