सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर रार, CJP ने किया समर्थन, कांग्रेस ने लगाये सरकार से डील के आरोप, BJP का पलटवार

भाजपा ने कहा कांग्रेस पार्टी के अपने राज्यों में पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन वे एक चपरासी को भी नौकरी से नहीं निकालते, कोई कार्रवाई नहीं करते। और अब वे सोनम वांगचुक को अपशब्द कह रहे हैं, उनका अपमान कर रहे हैं क्योंकि उन्हें क्रेडिट चाहिए। यह क्रेडिट की लड़ाई है, छात्रों की लड़ाई नहीं।
Sonam Wangchuk ends fast

Sonam Wangchuk ends fast

जंतर मंतर पर चल रहा CJP का आंदोलन जारी है लेकिन इसके केंद्र में रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें  जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त करवाई, सीजेपी ने इसके लिए वांगचुक का आभार जताया है उधर अब इसपर सियासत शुरू हो गई है, कांग्रेस ने इसे वांगचुक की सरकार की डील और अन्ना पार्ट 2 आंदोलन कहा जिसपर भाजपा ने पलटवार किया है।

नीट पेपर लीक को लेकर शुरू हुए सीजेपी के आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने समर्थन दिया और वे लद्दाख से जंतर मंतर पहुंच गए और भूख हड़ताल पर बैठ गए, 28 जून से अन्न त्याग कर अनशन पर बैठे वांगचुक की तबियत जब ज्यादा ख़राब होने लगी उनका वजन लगातार कम होने लगा तब डॉक्टर्स की सलाह पर उनकी सेहत की चिंता करते हुए पुलिस ने उन्हें जंतर मंतर से अस्पताल में शिफ्ट किया जहाँ कल गुरुवार रात 27 वें दिन सरकार द्वारा उनकी शर्तें मनाने के बाद अनशन समाप्त कर दिया, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जिंतेंद्र सिंह ने उनको जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

अनशन तोड़े जाने की जानकारी सोनम वांगचुक ने की साझा 

सोनम वांगचुक ने X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा- मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्हें सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से यह भरोसा मिला है कि भारतीय संसद में खराब होती परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि हाल ही में NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस ने सोनम वांगचुक के अनशन को कहा अन्ना पार्ट 2 

सोनम वांगचुक के अनशन तोड़े जाने से कांग्रेस नाराज हो गई, कांग्रेस ने इसे उनकी सरकार के साथ दिल कहा , कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा ये अन्ना पार्ट 2 है , 12 साल अन्ना हजारे चुप हो गए अब सोनम वांगचुक खामोश रहेंगे और कुछ नहीं है, उन्होंने कहा हमें पहले से मालूम था जब वे कल सरकार से डील कर रहे थे तब क्या कोई छात्र था , वहां केवल आपके लद्दाख के लोग था, आपकी अपनी डील हुए है सरकार के साथ ये कुछ और नहीं है।

कांग्रेस ने किया सोनम वांगचुक का अपमान : BJP 

कांग्रेस के बयान पर भाजपा भड़क गई है, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक बयान जारी करते हुए कहा- कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी हैं, जिस तरह से उन्होंने सोनम वांगचुक का अपमान किया है। राहुल गांधी कभी सोनम वांगचुक के पास नहीं गए, वे 21 दिनों तक छुट्टी पर थे और उन्होंने कभी छात्रों या उनके विरोध-प्रदर्शन की परवाह नहीं की। आज, जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक से बात की है, उनका अनशन खत्म कराया है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की उनकी मांग मान ली है, तो राहुल चर्चा से भाग रहे हैं और अपने सांसदों से सोनम वांगचुक को अपशब्द कहलवा रहे हैं।

राहुल गांधी क्रेडिट की लड़ाई लड़ रहे हैं छात्रों की नहीं 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा राहुल गांधी इसलिए बहुत परेशान हैं क्योंकि उन्हें इसका क्रेडिट नहीं मिल रहा है, पीएम छात्रों के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं, वे ही लगातार फास्ट-ट्रैक कोर्ट, नकल-रोधी कानून, NEET परीक्षा का सही ढंग से आयोजन और शिक्षा मंत्रालय में कार्रवाई जैसे मुद्दों के लिए लड़ते रहे हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी को देखिए उनके अपने राज्यों में पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन वे एक चपरासी को भी नौकरी से नहीं निकालते, कोई कार्रवाई नहीं करते। और अब वे सोनम वांगचुक को अपशब्द कह रहे हैं, उनका अपमान कर रहे हैं क्योंकि उन्हें क्रेडिट चाहिए। यह क्रेडिट की लड़ाई है, छात्रों की लड़ाई नहीं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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