रायपुर अधिवेशन में सोनिया गांधी ने दिए राजनीति से संन्यास के संकेत, राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

रायपुर अधिवेशन में सोनिया गांधी ने दिए राजनीति से संन्यास के संकेत, राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

Congress Raipur Adhiveshan : छत्तीसगढ़ में चल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने अपने राजनीतिक संन्यास की तरफ  इशारा कर ना सिर्फ चौंका दिया बल्कि राजनीतिक पंडितों को एक बड़ा झटका दिया। मध्य प्रदेश ,  उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित कुछ अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में कांग्रेस को मजबूत करने की रणनीति पर पार्टी काम कर रही है ऐसे में सोनिया गांधी का ये बयान के कई मायने लगाये जा रहे हैं।

नवा रायपुर में चल रहे अधिवेशन के दूसरे दिन आज सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को संबोधित किया, उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों को देखें तो 2004 और 2009 के चुनावों में हमारी जीत के साथ-साथ डॉ मनमोहन सिंह जी के कुशल नेतृत्व ने मुझे व्यक्तिगत संतुष्टि दी लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा के साथ मेरी पारी समाप्त (Sonia Gandhi retirement) हो सकती है।

सोनिया गांधी ने कहा कि यात्रा एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में आई है। इसने साबित कर दिया है कि भारत के लोग सद्भाव, सहिष्णुता और समानता चाहते हैं। इसने हमारी पार्टी और लोगों के बीच संवाद की समृद्ध विरासत को नवीनीकृत किया है, कांग्रेस लोगों के साथ खड़ी है और उनके लिए लड़ती है।

सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं है,  हम वो वाहन हैं जिसके माध्यम से भारत के लोग सभी के लिए स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लिए लड़ते हैं। हम लोगों की आवाज को प्रतिबिंबित करते हैं। हालाँकि आगे की राह आसान नहीं है, लेकिन जीत हमारी होगी।

सोनिया ने कहा कि यह विशेष रूप से देश के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि पीएम मोदी और भाजपा ने हर एक संस्थान पर लगातार कब्जा कर रखा है। यह किसी भी विरोध की आवाज को निर्दयतापूर्वक खामोश कर देते हैं। इसलिए हम में से प्रत्येक की पार्टी और देश के प्रति विशेष जिम्मेदारी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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