
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। ट्विटर (Twitter) भारत सरकार (Indian Government) का आदेश मानने के मूड में नहीं है। उसने सरकार द्वारा प्लेटफॉर्म से 1,178 हैंडल्स को हटाने के आदेश को मानने से इंकार कर दिया है। हालांकि ट्विटर ने ये कहा है कि वो कुछ अकाउंट्स को पूरी तरह हटाने की बजाय भारत में उसका एक्सेस खत्म कर सकता है। बता दें कि केंद्र सरकार ने एक हजार से अधिक ट्विटर हैंडल्स (twitter handles) को पाकिस्तान समर्थित, खालिस्तान समर्थकों के और विदेशों से ऑपरेट किया जाना बताया था। साथ ही इन्हें किसान आंदोलन को लेकर भ्रामक भड़काऊ सामग्री का प्रचार करने वाला बताकर ट्विटर से इसे बंद करने को कहा था।
केंद्र सरकार द्वार एक हज़ार से अधिक ट्विटर अकाउंट्स ब्लॉक करने के निर्देश पर ट्विटर ने बुधवार को जवाब दिया है। उसने एक ब्लॉग (blog) लिखते हुए कहा है कि फ्री स्पीच और ओपन इंटरनेट का पक्ष लिया है। इसी के साथ उसने कहा है कि आज के समय में दुनिया के कई देशों में इसपर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही लिखा है कि केंद्र सरकार ने जिस आधार पर ये हैंडल्स निलंबित करने को कहा है, वो भारतीय कानून के अनुरूप नहीं है। इस ब्लॉग में ये भी कहा गया है कि ऐसे 500 से अधिक ट्विटर अकाउंट्स निलंबित किए गए हैं जो स्पैम की श्रेणी में आ रहे थे। वहीं कई अकाउंट्स का एक्सेस भारत के लिए बंद भी कर दिया गया है। बता दें कि 26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद केंद्र द्वारा ट्विटर को ऐसे 1178 एकाउंट्स की लिस्ट सौंपी गई थी, जो सरकार के मतानुसार हिंसा भड़काने में शामिल थे और भ्रामक जानकारी का प्रसार कर रहे थे।
https://twitter.com/TwitterSafety/status/1359360244254605315
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

