संसद में व्यवधान सांसदों के लिए नुकसानदेह, सरकार के लिए नहीं; किरेन रिजिजू का किस ओर इशारा

कर्नाटक उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि संसद में व्यवधान से सरकार को कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि वह जरूरत पड़ने पर अपने विधेयक पारित करवा सकती है।
Kiren Rijiju

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि अगर किसी पार्टी का नेता चर्चा और बहस में रुचि न दिखाकर हंगामा और राजनीतिक नाटक करने पर ध्यान देता है, तो उस पर दबाव बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान सांसदों, विशेष रूप से विपक्षी सांसदों, के लिए नुकसानदायक है, न कि सरकार के लिए, क्योंकि सरकार को बहुमत प्राप्त है। रिजिजू ने युवा सांसदों को सलाह दी कि वे अपने नेताओं के संसद में व्यवधान पैदा करने के आदेशों का विरोध करें।

सरकार को कोई नुकसान नहीं

कर्नाटक उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि संसद में व्यवधान से सरकार को कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि वह जरूरत पड़ने पर अपने विधेयक पारित करवा सकती है। उन्होंने हाल ही में संपन्न मानसून सत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि तीन सप्ताह तक उन्होंने विपक्षी दलों से चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया, लेकिन व्यवधान जारी रहा।

चर्चा के विषय और समय निर्धारित

किरेन रिजिजू ने कहा कि हर सुबह संसद का कार्यसूची तय की जाती है, जिसमें चर्चा के विषय और समय निर्धारित होते हैं। लेकिन विपक्षी दलों के नेता अपनी मंशा के अनुसार सदन को बाधित करते हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे इस बारे में सोचें और रचनात्मक चर्चा में हिस्सा लें। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि संसद में रचनात्मक बहस लोकतंत्र को मजबूत करती है और सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर देती है। उन्होंने युवा सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद के कामकाज को सुचारू बनाने में योगदान दें।

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