प्रत्येक शुक्रवार जाइये माता वैष्णो देवी के दर्शन करने, IRCTC ने बनाया स्पेशल प्लान

प्रत्येक शुक्रवार जाइये माता वैष्णो देवी के दर्शन करने, IRCTC ने बनाया स्पेशल प्लान

IRCTC Mata Vaishno Devi Tour : माता वैष्णो देवी में आस्था रखने वाले उनके दर्शनों की भी इच्छा रखते हैं, इनमें से कुछ भक्त ऐसे भी होते हैं जो कई बार प्लानिंग कर माता के दर्शन नहीं कर पाते, ऐसे भक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है। IRCTC ने उनके लिए एक स्पेशल टूर अनाउंस किया है, खास बात ये है कि ये टूर प्रत्येक शुक्रवार को शुरू होगा और इसमें भक्त शिवखोरी के दर्शन भी कर सकेंगे।

इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने एक खास टूर अनाउंस किया है। टूर का नाम है माता वैष्णो देवी विथ शिवखोरी रेल टूर पैकेज (IRCTC Vaishno Devi Shivkhori Tour Packages) है , टूर 6 दिन और 5 रात का है और ये प्रत्येक शुक्रवार को मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन से शुरू होगा।

वैष्णो धाम के साथ शिवखोरी के भी दर्शन

IRCTC द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक इस टूर में यात्रियों को मुंबई, कटरा, वैष्णो देवी और शिवखोरी  ले जाया जायेगा जहाँ भक्त माता वैष्णो देवी और भगवान शिव के दर्शन कर सकेंगे। इस टूर का किराया 12,550/- रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है, किराये के और भी ऑप्शन हैं  जिसे सदस्य संख्या और ट्रेवल क्लास के हिसाब से आप चुन सकते हैं।

मुंबई के बांद्रा स्टेशन से शुरू होगी ट्रेन

यात्रियों को प्रत्येक शुक्रवार को बांद्रा स्टेशन से 11 बजे स्वराज एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12471) लेकर जाएगी, किराये में यात्रियों के लिए होटल, ब्रेकफास्ट और एक मील (लंच या डिनर) शामिल है , एक विशेष बात ये भी है कि इस टूर में वो शासकीय कर्मचारी भी जा सकते हैं जो LTC की सुविधा लेते हैं। यात्रियों को 3 AC और 2 AC में यात्रा कराइ जाएगी।

यहाँ से मिलेगी टूर की पूरी डिटेल

यदि आप भी माता वैष्णो देवी के दर्शनों की प्लानिंग कर रहे हैं तो IRCTC के इस प्लान को एक बार जरुर देखिये, इसमें कन्फर्म टिकट मिलेगा, आपको सिर्फ इतना करना है कि आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट अथवा आधिकारिक ट्विटर एकाउंट पर विजिट कर टूर की डिटेल देखकर अपनी सुविधानुसार तारीखों की टिकट रिजर्व करानी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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