महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास, 454 सांसदों ने किया समर्थन, 2 विरोध में, 2024 चुनाव के बाद होगा सेन्सस और डेलिमिटेशन

महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास, 454 सांसदों ने किया समर्थन, 2 विरोध में, 2024 चुनाव के बाद होगा सेन्सस और डेलिमिटेशन

Women’s Reservation Bill: 20 सितंबर, बुधवार को चर्चा के बाद लोकसभा ने महिला आरक्षण बिल यानि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को पारित कर दिया है। यह बिल पास होने के बाद लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित कर दी जाएगी। 454 सांसदों ने बिल का समर्थन किया। वहीं 2 सांसदों ने विरोध किया। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के मुताबिक 2024 चुनाव के बाद इसका सेन्सस और डेलिमिटेशन किया जाएगा।

विकास का सफर महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बिना अधूर- कानून मंत्री ने कहा

भारतीय संसद के इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्वर्गीय सुषमा स्वराज को याद करते हुए उनके द्वारा कही गई बात सदन के सामने रखी। उन्होनें बताया कहा कि,” सुषमा स्वराज ने कहा था की विकास का सफर महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बिना अधूरा है।”

क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह?

बिल पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि, “यह बिल राजनीति के नहीं बल्कि महिलाओं की समृद्धि और सशक्तिकरण के लिए है। कई दलों के लिए महिला सशक्तिकरण राजनीति का मुद्दा हो सकता है पर बीजेपी और पीएम मोदी लिए ऐसा नहीं है।” शाह ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि, “इस बिल को पारित करने का यह पांचवा प्रयास है। इससे पहले देव गौड़ा और मनमोहन सिंह की सरकार के समय प्रयास किए गए। लेकिन वह प्रयास सफल नहीं रहें।”

अमित शाह ने साधा विपक्ष पर निशाना

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए शाह ने यह स्पष्ट रूप से कहा कि, “आप इस बिल का समर्थन करें या ना करें, 2024 के चुनाव के बाद सेंसस और परिसीमन किया जाएगा। और जल्द ही वह दिन आएगा जब भारतीय संसद में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होगी।”

ओबीसी कोटे के बिना राहुल ने बताया बिल को अधूरा

संसद में बिल को पास करने की चर्चा करते हुए राहुल गांधी के कहा, “यह पिछड़े वर्ग के कोटे के बिना अधूरा है। इसके बाद उन्होंने सरकारी विभागों में आंकड़े के आधार पर सरकार पर निशाना भी साधा।” इस बिल के समर्थन में बात करते हुए राहुल ने कहा, “यह बिल निश्चित तौर पर पंचायत कानून के बाद महिलाओं के सशक्तिकरण में एक बहुत ही बड़ा कदम है। लेकिन बिना ओबीसी कोटे के यह अधूरा है।”

Manisha Kumari Pandey
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