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MP विधानसभा में गरजे कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- पुलिस ही पुलिस से पैसे मांग रही है

Reported by:Kamlesh Sarda|Edited by:Ankita Chourdia
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मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में नीमच पुलिसकर्मी होशियार सिंह की आत्महत्या का मामला गूंजा। बदनावर से कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पुलिस ही पुलिस से पैसे मांग रही है और उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
MP विधानसभा में गरजे कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- पुलिस ही पुलिस से पैसे मांग रही है

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। बदनावर से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने नीमच में हेड कांस्टेबल होशियार सिंह की आत्महत्या का मामला उठाते हुए अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने पुलिस विभाग के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब “पुलिस ही पुलिस से पैसे मांग रही है।”

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शेखावत के इन आरोपों ने सदन के माहौल को गरमा दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में बिना किसी लेनदेन के कोई काम नहीं होता, जो एक बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल किया कि जब एक पुलिसकर्मी खुद सिस्टम के उत्पीड़न से तंग आकर जान दे देता है, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद कैसे कर सकता है?

उपमुख्यमंत्री के गृह जिले से जुड़ा मामला

विधायक भंवर सिंह शेखावत ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह घटना उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के गृह जिले नीमच की है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से इस पूरे प्रकरण की एक निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

“प्रदेश में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो भक्षक कौन है?”- भंवर सिंह शेखावत, विधायक, कांग्रेस

शेखावत के इन सवालों के बाद सदन में विपक्षी दल ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया और पुलिस सुधारों की मांग को लेकर हंगामा किया।

क्या था हेड कांस्टेबल की आत्महत्या का मामला?

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले नीमच पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल होशियार सिंह ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद एक सुसाइड नोट भी सामने आया था, जिसमें विभागीय दबाव और कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। इस घटना ने प्रदेश भर में पुलिसकर्मियों पर काम के बोझ, मानसिक तनाव और आंतरिक शोषण की बहस को फिर से तेज कर दिया है। अब विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद सरकार पर उचित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

Ankita Chourdia
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