IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा, माफिया पर पुलिस का शिकंजा, एक सटोरिया गिरफ्तार, 53 हजार नकद और मोबाइल जब्त

भले ही पुलिस ने दीपक, हिमांशु, मनीष और यश जैसे मोहरों को पकड़कर सट्टा नेटवर्क की कमर तोड़ने का प्रयास किया है, लेकिन इस सिंडिकेट को पर्दे के पीछे से चलाने वाले असली 'मगरमच्छ' अब भी पुलिस की रडार से बाहर हैं।
SP Office Neemuch

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आईपीएल मैचों (IPL 2026)  के दौरान मध्य प्रदेश के नीमच जिले में फल-फूल रहे ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस फुल एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में नीमच पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सट्टा माफिया पर अपना शिकंजा कसा है। पुलिस की विशेष टीम ने दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे एक और गुर्गे दीपक को धरदबोचा है। पकड़े गए आरोपी दीपक के पास से पुलिस ने 53 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

दीपक की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जांच में मोहित और विकास के नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। शहर में अब यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर ऑनलाइन सट्टे के इस ‘काले कारोबार’ में मोहित और विकास की क्या भूमिका है? गौरतलब है कि हाल ही में शहर के संभावित बड़े सटोरियों की जो फेहरिस्त चर्चा में आई थी, उसमें भी विकास का नाम शामिल था। पुलिस अब दीपक से पूछताछ कर मोहित और विकास के ठिकानों तक पहुंचने की रणनीति तैयार कर रही है।

खुलेआम घूम रहे कई सफेदपोश ‘आका’

नीमच में पुलिस द्वारा सट्टा माफियाओं के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे ठीक पहले 13 अप्रैल को थाना प्रभारी नीमच कैंट निरीक्षक सौरभ शर्मा और सायबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक प्रदीप शिन्दे की टीम ने सतगुरु बेकरी के पीछे मैदान में दबिश देकर 1 लाख 1 हजार रुपये की नकदी और लाखों के हिसाब के साथ तीन सटोरियों— हिमांशु (अशोक सुंगधी का बेटा), मनीष और यश को रंगे हाथों पकड़ा था। हिमांशु सुगंधी का तो इंदौर में भी सट्टेबाजी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

डॉलर और सौरभ जैसे नाम कब चढ़ेंगे पुलिस के हत्थे?

भले ही पुलिस ने दीपक, हिमांशु, मनीष और यश जैसे मोहरों को पकड़कर सट्टा नेटवर्क की कमर तोड़ने का प्रयास किया है, लेकिन इस सिंडिकेट को पर्दे के पीछे से चलाने वाले असली ‘मगरमच्छ’ अब भी पुलिस की रडार से बाहर हैं।
हाल ही में राजस्थान की प्रतापगढ़ पुलिस की कार्रवाई में नीमच के मास्टरमाइंड हर्ष अग्रवाल और पुरुषोत्तम के नाम उजागर हो चुके हैं। इन दोनों के अलावा नीमच जिले में हाई-टेक डिवाइस और डिजिटल नेटवर्क के जरिये इस पूरे काले कारोबार को संचालित करने वाले डॉलर, सौरभ, चंडी, आकाश, जीतू, रितेश, यश, सन्नी, कपिल, गुणवंत, जानू उर्फ़ पिंकू, मनोज, पीयूष और आशीष जैसे कई बड़े नाम अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।

दीपक की गिरफ्तारी और मोहित-विकास की भूमिका सामने आने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नीमच पुलिस इन छोटे गुर्गों की कड़ियों को जोड़कर हर्ष अग्रवाल, डॉलर और सौरभ जैसे नीमच के असली सट्टा किंगपिन के गिरेबान तक कब पहुंच पाती है। फिलहाल मामले में पुलिस की विवेचना और फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से जारी है।

एसपी ने युवाओं और जिले की जनता से की ये अपील 

एसपी अंकित जायसवाल के कहना है कि आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है, पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है  जो भी आरोपी पकड़े जा रहे हैं, उनसे पूछताछ में जो भी लिंक या बाहरी नेटवर्क सामने आएंगे, उन पर संबंधित जिलों की पुलिस के साथ मिलकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने युवाओं से, छात्रों से अपील की है कि कि वे रातों-रात अमीर बनने के प्रलोभन और सट्टेबाजों के इस जाल में बिल्कुल न फंसें। एसपी ने आम जनता से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें सट्टा संचालित करने वाले किसी भी गिरोह या व्यक्ति की जानकारी मिलती है तो वे तत्काल पुलिस को बताएं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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