बारिश ने बिगाड़ा हाल, गड्ढों में बदली मुख्य सड़क, मुश्किल हुआ सफर, जिम्मेदारों को नहीं जनता की तकलीफ की परवाह

यह मुद्दा केवल एक कॉलोनी का नहीं बल्कि पूरे शहर के आमजन से जुड़ा हुआ है, क्योंकि गद्दों में तब्दील हो चुका यह मार्ग मुख्य संपर्क मार्गों को जोड़ता है।
potholes in neemuch road

नीमच में आंबेडकर मार्ग और टैगोर मार्ग को जोड़ने वाला शिक्षक कॉलोनी मुख्य मार्ग तथा जैन भवन रोड के बीच स्थित मिडिल स्कूल ग्राउंड परिसर का 150 मीटर लंबा मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस छोटे से हिस्से पर करीब 300 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी है। हालत यह है कि वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों के लिए पैदल चलना भी जोखिम भरा बन गया है।

यह मार्ग शिक्षक कॉलोनी मुख्य मार्ग को आंबेडकर मार्ग और जैन भवन रोड को टैगोर मार्ग से जोड़ता है। दोनों तरफ बड़ी-बड़ी कॉलोनियां, ग्वालटोली, शोरूम चौराहा और गोमाबाई रोड क्षेत्र लगे हुए हैं। नतीजतन, हर दिन औसतन 20 हजार से ज्यादा लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। गड्ढों से बचने के लिए लोगों को 1 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।

असफल सुधार प्रयास

नगरपालिका ने वर्ष 2018 में इस मार्ग को पक्का करने के लिए टेंडर निकाला था, लेकिन शिक्षा विभाग की आपत्तियों के चलते काम अटक गया। तब से अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। हाल ही में नपा ने गड्ढों को भरने के लिए बिल्डिंग वेस्ट और गिट्टी डलवाई, लेकिन उसे दबाया नहीं गया। नतीजा यह हुआ कि बारिश के साथ ही मिट्टी बह गई और सड़क फिर से गड्ढों से भर गई।

हादसों का खतरा

पिछले दिनों स्कीम नंबर-36 निवासी एक महिला अपनी स्कूटी सहित गिर गई। वहीं कुछ युवकों की बाइक भी गड्ढों से बचने के चक्कर में फिसल गई। स्थानीय लोग बताते हैं कि रोजाना छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं।

जिम्मेदारों की सफाई

नपा लोक निर्माण शाखा सभापति मनोहर मोटवानी ने बताया कि पहले भी इस मार्ग के निर्माण के प्रयास हुए थे, लेकिन शिक्षा विभाग की आपत्ति के चलते काम अटक गया। अब नए सिरे से चर्चा कर ठोस समाधान निकाला जाएगा। कलेक्टर से भी मुलाकात की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बारिश रुकते ही मार्ग को समतल करवाया जाएगा।

जनहित की मांग

पार्षद योगेश प्रजापति एव स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इस 150 मीटर लंबे मार्ग को दुरुस्त कर दिया जाए तो हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी बदतर हो जाती है, ऐसे में त्वरित सुधार कार्य बेहद जरूरी है।

नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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