पोषण भी, पढ़ाई भी : बच्चों के साथ जमीन पर बैठे कलेक्टर, जाना आंगनवाड़ी शिक्षा का हाल, हाथ से बांटे फल

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान जमीन पर बैठे छोटे-छोटे बच्चों के साथ बैठकर आत्मीयता से बातचीत की।
Neemuch Collector Anganwadi

नीमच जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी “हमारी आंगनवाड़ी, पोषण भी पढ़ाई भी” अभियान के तहत मंगलवार को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने झांझरवाडा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर न केवल उनके शैक्षणिक स्तर को परखा, बल्कि उन्हें स्वयं अक्षर ज्ञान और फलों के बारे में पढ़ाया भी।

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान जमीन पर बैठे छोटे-छोटे बच्चों के साथ बैठकर आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की वर्कबुक देखकर उनके अक्षर ज्ञान, अंक ज्ञान और चित्र ज्ञान की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से फलों के नाम पूछे और एबीसीडी व गिनती भी पढ़वाई। बच्चों के शैक्षणिक स्तर से संतुष्ट होकर कलेक्टर ने केंद्र में दी जा रही अर्ली चाइल्ड केयर एजुकेशन (ECCE) की गुणवत्ता की सराहना की।

नन्ही बालिका शिवानी ने सुनाई गिनती और कविता

निरीक्षण के दौरान, जब कलेक्टर ने बच्चों से गिनती पूछी, तो नन्ही बालिका शिवानी ने आत्मविश्वास के साथ उन्हें बीस तक की गिनती सुनाई। शिवानी ने फलों के नाम भी बताए और एक कविता भी प्रस्तुत की, जिससे सभी अधिकारीगण प्रभावित हुए।

आंगनवाड़ी केंद्र के लिए सुविधाओं में सुधार के निर्देश

निरीक्षण के पश्चात, कलेक्टर चंद्रा ने आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की बात कही। उन्होंने दो छोटी टेबल और कुर्सियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री को आंगनवाड़ी केंद्र भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई, खिड़कियों में मच्छर जाली लगवाने और पंखे लगाने के भी सख्त निर्देश दिए।

अधिकारियों को दिए ये निर्देश 

जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए, कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत स्कूल एवं आंगनवाड़ी भवन तक पेयजल पाइपलाइन डालकर नल कनेक्शन उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस मौके पर एसडीएम संजीव साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या एवं परियोजना अधिकारी ईरफान अंसारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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