
Neemuch Memorandum Submitted By Forest Employees News : प्रदेश के साथ-साथ नीमच जिले में भी मध्य प्रदेश वन कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण को लेकर चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ कर दिया है जिसको लेकर वन कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा है।
जानिए क्या है मामला
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों में पदस्थ कार्यपालिक वन कर्मी जो कि समाज के अंतिम बिंदु पर रहकर 24 घंटे वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा में लगे हुए हैं इनकी मेहनत त्याग समर्पण से ही पूरे भारतवर्ष में सर्वाधिक वन मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं फिर भी कर्मचारियों के समान अन्य विभागों के कर्मचारियों से भारत में कार्यरत वन विभाग के कर्मचारियों से वेतन मान न्यूनतम है जो चिंता का विषय होकर मनोबल गिराने वाला है।
मध्यप्रदेश के वनांचल में पदस्थ कर्मचारियों की वेतन विसंगति वर्षों पुरानी है सरकार द्वारा कई बार संघ के साथ लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद भी वेतन विसंगति दूर नहीं की गई है वन कर्मचारी अपने दायित्वों को पूर्णतः निभाने का प्रयास कर रहे हैं परंतु राजनेताओं एवं मंत्री गणों द्वारा वन कर्मचारियों को वन्य प्राणी वन्य भूमि पर अतिक्रमण अवैध खनन को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है समय-समय पर मनोबल गिराने वाली टिप्पणी की जा रही है जो ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित भी किया जा रहा है।
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चरणबद्ध हड़ताल की दी चेतावनी
ज्ञापन में बताया गया कि हमारी मांगों का निराकरण नहीं होने के कारण मध्यप्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया गया है जिसमें आज मंगलवार को प्रदेश के साथ ही जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया है वही दूसरे चरण में 15 फरवरी को स्थानीय विधायक एवं सांसद को भी ज्ञापन सौंपा जाएंगे। तृतीय चरण में भोपाल में रैली एवं धरने का आयोजन चतुर्थ चरण में शासकीय बंदूके रिवाल्वर एवं शासकीय वाहन आदि जमा कराया जाएगा और पंचम चरण में अनिश्चितकालीन हड़ताल संघ द्वारा प्रारंभ की जाएगी।
नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट
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