घरों से जूते-चप्पल चुरानेवाली महिलाएं पुलिस गिरफ्त में, गैंग बनाकर रात को करती थीं चोरी

सीसीटीवी चेक किया तो पता लगा कि आधी रात में 5-6 औरतें कॉलोनी में घूम रही थी, इनमें से एक औरत उसके मकान में गेट कूद कर घुसी और जूते चप्पल चुरा लिए।
Pratapgarh Rajasthan SP Office

राजस्थान की प्रतापगढ़ पुलिस ने महिलाओं का एक ऐसा गैंग पकड़ा है जो रात में निकलता था और लोगों ने घरों से जूते चप्पल चोरी करता था, ये गिरोह जूते चप्पल के अलावा और जो भी सामान मिलता उसे चोरी करता था और भाग जाता था, पुलिस  आरोपी महिलाओं से पूछताछ कर रही है।

प्रतापगढ़ में पुलिस ने एक महिला चोर गिरोह में शामिल पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया है, ये सभी महिलाएं शहर के बगवास स्थित कच्ची बस्ती की रहने वाली है, इनका गिरोह घर से जूते-चोरी और कई सामान चोरी  करता है पिशले दिनों हुई एक चोरी की की घटना के बाद क्षेत्र के ही वकील ने एफआईआर दर्ज करवाई थी।

पुलिस शिकायत में एडवोकेट ने बताया कि चोरी की घटना की जानकारी उन्हें पड़ोसी से मिली, जब घर के बाहर लगे सीसीटीवी चेक किए तो मामले का खुलासा हुआ,  सीसीटीवी में सभी आरोपी महिलाएं चोरी करती नजर आ रही थीं, इसी फुटेज के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची और महिलाओं को गिरफ्तार किया।

वकील ने पुलिस में की चोरी की शिकायत 

कोतवाली थानाधिकारी दीपक बंजारा के मुताबिक तीन दिन पहले राजेंद्र नगर निवासी एडवोकेट प्रवीन जैन ने शिकायत दी थी कि उसके पड़ोस में रहने वाली मधू मीणा ने उन्हें घर आकर बताया कि बीती रात उसके मकान से कोई जूते-चप्पल चुरा कर ले गया है।

गेट से कूदकर घर में घुसी, चुरा लिए जूते चप्पल 

चोरी की बात पर उन्होंने अपने यहां लगे सीसीटीवी चेक किया तो पता लगा कि आधी रात में 5-6 औरतें कॉलोनी में घूम रही थी, इनमें से एक औरत उसके मकान में गेट कूद कर घुसी और जूते चप्पल चुरा लिए।  इसके साथ वाली दूसरी महिला ने मधु मीणा के मकान में घुसकर कुछ वस्तुएं चोरी की।

महिलाओं ने पूछताछ में वारदात कबूली

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया, पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने वारदात कबूल की, पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य महिलाओं की भी तलाश कर रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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