रतलाम में कच्ची अवैध शराब के ठेकों पर छापा, लाखों की शराब नष्ट की

रतलाम में कच्ची अवैध शराब के ठेकों पर छापा, लाखों की शराब नष्ट की

रतलाम/सुशील खरे

रतलाम में आबकारी टीम ने लुहारी से राजस्थान मार्का वाली 41 लीटर शराब पकड़ी और उसे नष्ट किया। नए आबकारी सहायक आयुक्त के आने के बाद पहली बार इतनी बड़ी कार्यवाही हुई है।

शहर में कच्ची अवैध शराब बनाकर बेचने का धंधा जोरों पर है। राजस्थान से मध्यप्रदेश में शराब लाकर बेची जा रही है। मंगलवार को आबकारी पुलिस की रतलाम, जावरा टीम ने संयुक्त रूप से बागाखेड़ा एवं लुहारी में दबिश दी और यहां से करीब 1 लाख 21 हजार 20 रुपए कीमत की अवैध शराब व महुआ लहान जब्त किया। ग्राम लुहारी से राजस्थान मार्का वाली 41 पाव देसी शराब जब्त हुई। ये बॉर्डर लांघकर यहां कैसे पहुंची, इसे लेकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शंका है कि नामली क्षेत्र के एक पूर्व लाइसेंसी ठेकेदार के रिश्तेदार ने राजस्थान में भी लाइसेंस ले रखा है। संभव है उसी के मार्फत ये शराब वहां से ला रहे हो। नई आबकारी सहायक आयुक्त नीरजा श्रीवास्तव के आने के बाद पहली बार हुई इतनी बड़ी कार्यवाही हुई है।

आबकारी सहायक के निर्देश पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी एमएल मांडरे, जावरा के प्रभारी अशोक दवे एवं एन.आर. वास्कले ने दो टीम बनाकर बागाखेड़ा में दबिश दी। यहां से अनारसिंह बांछड़ा के कब्जे से 15 लीटर हाथ भट्टी शराब, सुमन भाटी के पास से 14 लीटर और सोनू भाटी के कब्जे से 12 लीटर शराब जब्त की गई । इसी गांव में तीन लावारिस जगह से भी क्रमशः 600, 500 और 300 ग्राम महुआ लहान जब्त हुआ है। इन तीन नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ आबकारी एक्ट में केस दर्ज किया है। वहीं लुहारी में आबकारी वृत बी के प्रभारी केके पडरिया ने लुहारी में दबिश देकर वहां से मुकेश मालवीय के कब्जे से 41 लीटर राजस्थान मार्का की देसी शराब बरामद की। इसके खिलाफ भी केस दर्ज किया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी एमएल मांडरे ने बताया कि संयुक्त कार्रवाई के लिए गठित टीम में आबकारी उपनिरीक्षक वंदना अग्रवाल, मीनाक्षी रेवाले, प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश सांवरिया, आरक्षक संतोष नेका, बनसिंह अहरे, प्रहलाद राठौर, विक्टोरिया बोरासी, ममता निनामा की सक्रिय भूमिका रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews