अब सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती: रतलाम में हेलमेट बिना ऑफिस पहुंचना पड़ेगा भारी

रतलाम में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से कार्यालय पहुंचने वाले सरकारी कर्मचारियों पर चालान होगा, जिससे कर्मचारियों में हलचल और आम लोगों में भी नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रतलाम

रतलाम में अब सरकारी दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को नई सख्ती का सामना करना पड़ेगा। रोज की तरह बाइक या स्कूटर से ऑफिस पहुंचना अब आसान नहीं रहेगा, क्योंकि अगर कर्मचारी ने हेलमेट नहीं पहना, तो सीधा चालान कटेगा। प्रशासन का यह कदम सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।

अक्सर देखा जाता है कि आम लोगों पर तो ट्रैफिक नियम लागू होते हैं, लेकिन कई बार सरकारी कर्मचारी खुद नियमों का पालन नहीं करते। ऐसे में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी कर्मचारी भी नियमों से ऊपर नहीं हैं। सड़क हादसों को कम करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

रतलाम में हेलमेट नियम पर प्रशासन ने क्यों दिखाई सख्ती?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों के बाद देशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में 28 जनवरी को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर मिशा सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सरकारी कर्मचारियों को हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाना होगा।

लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारी बिना हेलमेट ऑफिस आते दिखाई दिए। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई को जरूरी समझा और एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर दिया कि अब बिना हेलमेट आने वालों पर चालान काटा जाएगा।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट और अन्य कार्यालयों के बाहर कई कर्मचारी बिना हेलमेट आते-जाते दिखे। कुछ ने हेलमेट बाइक पर टांगा जरूर था, लेकिन सिर पर नहीं पहना था। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया गया।

सरकारी कर्मचारियों पर चालान कैसे और कब कटेगा?

जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से कार्यालय आता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई होगी। चालान की राशि नियमों के अनुसार वसूली जाएगी।

सिर्फ इतना ही नहीं, अब हर कार्यालय प्रमुख को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके दफ्तर में कोई कर्मचारी बिना हेलमेट न आए। यदि नियम का उल्लंघन होता है, तो उसकी रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।

हर महीने प्रशासन को देनी होगी रिपोर्ट

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हर कार्यालय प्रमुख को मासिक रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसमें यह बताया जाएगा कि दफ्तर में कुल कितने कर्मचारी हैं, उनमें से कितने बिना हेलमेट आए और कितनों पर चालान की कार्रवाई हुई।

यह रिपोर्ट हर महीने की पांच तारीख तक जिला परिवहन अधिकारी को भेजना अनिवार्य किया गया है। चालान से जमा हुई राशि भी सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी।

पुलिस और ट्रैफिक विभाग भी चलाएंगे अभियान

प्रशासन ने जिले के सभी पुलिस थानों को भी निर्देश दिए हैं कि हेलमेट नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए। ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सरकारी कर्मचारियों सहित अन्य वाहन चालकों पर भी कार्रवाई करेंगे।

पहले भी हुए हादसे, फिर भी नहीं सुधरी आदत

रतलाम सहित आसपास के जिलों में हर साल सड़क हादसों में कई लोग जान गंवाते हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता। इसके बावजूद लोग छोटी दूरी का हवाला देकर हेलमेट पहनने से बचते रहे हैं। अब प्रशासन इस आदत को बदलने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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