आवारा पशु पकड़ने गई टीम पर हमला, रतलाम में हंगामे के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन

रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने गई नगर निगम टीम पर हमला होने से हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के साथ मारपीट कर पशु छुड़ा लिए गए, जिसके विरोध में सफाई कर्मचारियों ने शहर की सफाई व्यवस्था बंद कर प्रदर्शन किया।
आवारा पशु पकड़ने गई टीम पर हमला, रतलाम में हंगामे के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन

रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने गई नगर निगम की टीम के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना दीनदयाल नगर इलाके की बताई जा रही है, जहां निगम कर्मचारी रात में कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने टीम को रोक लिया और विवाद शुरू हो गया।

देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों के साथ हाथापाई की गई और वाहन में बंद पशुओं को छुड़ाकर ले जाया गया। इस घटना में नगर निगम के दो कर्मचारी घायल भी हुए हैं। घटना के बाद निगम कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

रात में चल रही थी आवारा पशु पकड़ने की कार्रवाई

नगर निगम की टीम सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे दीनदयाल नगर क्षेत्र में आवारा मवेशियों को पकड़ने निकली थी। टीम में कई कर्मचारी और वाहन चालक मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, टीम पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पहुंची थी, तभी वहां कुछ लोग आए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। आरोप है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज शुरू हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया।

वाहन पर चढ़कर छुड़ा ले गए पशु

कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ लोग सीधे पशु पकड़ने वाले वाहन पर चढ़ गए और उसमें बंद मवेशियों को बाहर निकालने लगे। जब टीम ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। इस दौरान उप स्वच्छता पर्यवेक्षक विराट मेहरा और कर्मचारी चरणसिंह घायल हो गए। बताया गया कि विराट मेहरा की आंख, कान और होंठ पर चोट आई है, जबकि दूसरे कर्मचारी के चेहरे पर चोट लगी है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में टीम के अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों को वहां से बाहर निकाला।

सफाई कर्मचारियों ने ठप की सफाई व्यवस्था

घटना के विरोध में मंगलवार सुबह नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और वार्ड प्रभारियों ने काम बंद कर दिया। कर्मचारियों ने शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह रोक दी और दीनदयाल नगर थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। कई कर्मचारी कचरा वाहनों के साथ थाने के बाहर पहुंचे और नारेबाजी की। उनका कहना था कि रात में कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिस जवानों ने समय पर मदद नहीं की। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। बाद में कार्रवाई के आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर लौटे।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews