रतलाम में पुलिस का बड़ा एक्शन, 6 महीने से फरार 10 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार

रतलाम जिले की ताल थाना पुलिस ने 6 महीने से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी तस्कर आमीन खां को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अफीम और डोडाचूरा तस्करी से जुड़े दो अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया है।
रतलाम

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की ताल थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के एक गंभीर मामले में पिछले छह महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को आखिरकार धर दबोचा है।

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद तस्करों के पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है और पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों तक भी तेजी से पहुंच रही है।

मकनपुरा इलाके से दबोचा गया मुख्य आरोपी आमीन खां

पुलिस को काफी समय से इस शातिर बदमाश की तलाश थी, जो अलग-अलग जगहों पर छिपकर अपनी गतिविधियां चला रहा था। ताल थाना पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी आमीन खां इस वक्त मकनपुरा क्षेत्र में ही कहीं मौजूद है।

इस सूचना के मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और घेराबंदी कर 26 साल के आरोपी आमीन खां को दबोच लिया जो रुस्तम खां मेव का बेटा है और जिस पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हैं मामले

पकड़े गए मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई कड़े कानूनी मामले चल रहे हैं जिनकी वजह से वह पुलिस की हिट लिस्ट में था। आरोपी आमीन खां के खिलाफ ताल थाने में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह पिछले आधे साल से फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से दूर था जिसके चलते रतलाम एसपी अमित कुमार ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

पूछताछ में खुलासे के बाद दो और आरोपी अरेस्ट

मुख्य आरोपी के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पूछताछ में कई और बड़े नाम सामने आए हैं, जिन पर पुलिस ने तुरंत शिकंजा कसा है। पुलिस ने आमीन से कड़ाई से पूछताछ की जिसके आधार पर डोडाचूरा और अफीम की अवैध सप्लाई से जुड़े चेनसिंह उर्फ कान्हा और उंकारलाल नाम के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इनसे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अवैध माल ये लोग कहां से लाते थे और किसे बेचते थे।

निम्बाखेड़ी और सकतखेड़ी के रहने वाले हैं तस्कर

पकड़े गए दोनों नए आरोपियों का ताल्लुक आसपास के ग्रामीण इलाकों से है, जो इस तस्करी के नेटवर्क में लंबे समय से शामिल बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चेनसिंह निम्बाखेड़ी का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी उंकारलाल उज्जैन जिले के खाचरौद क्षेत्र के सकतखेड़ी गांव का रहने वाला है। पुलिस इन दोनों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध तस्करी की पूरी चैन का पर्दाफाश किया जा सके।

फरारी के दौरान पनाह देने वालों पर भी कसेगा शिकंजा

आरोपी के पकड़े जाने के बाद अब पुलिस उन लोगों की भी कुंडली खंगाल रही है जिन्होंने इतने महीनों तक इस मुजरिम को बचाकर रखा था। ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस बात की बहुत बारीकी से जांच कर रही है कि आमीन अपनी फरारी के दौरान पिछले छह महीनों में कहां-कहां छिपा था और किन-किन लोगों ने उसे पनाह दी थी। जो भी इस मामले में मददगार साबित हुआ है, उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Bhawna Choubey
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