होलिका दहन पर करें 4 काम, खुलेगा बंद किस्मत का ताला, दूर होंगी परेशानियाँ, बनेंगे धनलाभ के योग

होलिका दहन पर करें 4 काम, खुलेगा बंद किस्मत का ताला, दूर होंगी परेशानियाँ, बनेंगे धनलाभ के योग

Holika Dahan Upay: होली रंगों का त्योहार है। साथ ही इसे खुशियों का आगमन भी माना जाता है। भारत में यह त्योहार बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है। इससे पहले होलिका दहन पड़ता है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी मनाया जाता है। पवित्र अग्नि में लोग अपनी बुराइयाँ, कष्ट और परेशानियों से छुटकारा पाते हैं। इस शुभ अवसर पर कुछ उपाय बहुत लाभकारी साबित हो सकती है। नौकरी, धन और परिवार से जुड़ी समस्याओं का निवारण भी हो सकता है। ऐसे ही कुछ उपाय हम आपको बताने जा रहे हैं।

होगा धन लाभ

इस दिन होलिका दहन की रख को पोटली में बांधकर तिजोरी में रख दे। मान्यता है की ऐसा करने से धन लाभ होता। तिजोरी कभी खाली नहीं होती और माँ लक्ष्मी हमेशा मेहरबान रहती हैं।

नौकरी के लिए

यदि आपको कई प्रयासों के बाद नौकरी नहीं मिल रही है तो होलिका दहन के पास सुपारी, नारियल और पान अर्पित कर दें। कहा जाता है की ऐसा करने से नौकरी मिलती है। घर-परिवार में शांति होती है।

दूर होगी आर्थिक समस्या

इस शुभ अवसर पर नारियल के गोले में बुरा भरकर होलिका की पवित्र अग्नि में डाल दें। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। घर में कभी पैसों की किल्लत नहीं होती।

शिक्षा में मिलेगी सफलता

होलिका दहन की शाम में घर की उत्तर दिशा की तरफ अखंड ज्योत जालना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होता। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता भी मिलती है।

(Disclaimer: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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