Gem Astrology: धनवान बनने के रास्ते खोलेगा ये अद्भुत रत्न, जानें कौन कर सकता है धारण

ratna shastra

Gem Astrology: ज्योतिष एक ऐसी विद्या है, जिसमें व्यक्ति की कुंडली और राशि के मुताबिक कई बातों का पता लगाया जाता है। ग्रह नक्षत्र की चाल के अनुरूप व्यक्ति जिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है, उसी के आधार पर ज्योतिषीय उपाय भी किए जाते हैं। इसी तरह से रत्न शास्त्र भी एक ऐसी विद्या है, जो व्यक्ति के जीवन में चल रहे ग्रह दोष का उपाय अपने अंदर समेटे हुए हैं। इसमें कुछ ऐसे चमत्कारी रत्न का उल्लेख है, जिन्हें अगर ग्रह और लग्न के हिसाब से धारण कर लिया जाए, तो व्यक्ति की किस्मत पलट जाती है।

किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह कमजोर हो या फिर वह अशुभ स्थिति में हो तो वो चाहे जितनी मेहनत कर ले लेकिन उसे अच्छे परिणाम नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में ग्रह को मजबूत करने के लिए कुछ रत्नों को धारण किया जा सकता है। रत्न के प्रभाव से जो ग्रह कमजोर है या उसकी स्थित खराब है, उसमे सुधार आने लगता है और व्यक्ति को मन मुताबिक फल मिलते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही चमत्कारी रन के बारे में जानकारी देते हैं।

ब्लू सफायर

ब्लू सफायर जिसे हम नीलम कहते हैं, ये बहुत ही शक्तिशाली रत्न है। को व्यक्ति इस रत्न को धारण करता है, उसकी कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। अगर आप भी शनि की कमजोर स्थिति के चलते परेशानियों का सामना कर रहे हैं तो इस रत्न को धारण किया जा सकता है। यह आपको अप्रत्याशित फल देगा और आपके कार्य करने की क्षमता बढ़ जाएगी। ये साढ़ेसाती और ढैया जैसे नकारात्मक प्रभावों से भी बचाता है और तुरंत असर दिखाता है।

कौन कर सकता है धारण

नीलम एक ऐसा रत्न है जो हर राशि के जातकों को धारण नहीं करना चाहिए। कन्या, मिथुन, वृषभ, तुला, कुंभ और मकर राशि के जातक इसे धारण कर सकते हैं। वहीं अगर किसी जातक की कुंडली में केंद्र का स्वामी शनि ग्रह हो तो भी नीलम पहना जा सकता है। जिन जातकों की कुंडली की उच्च कक्षा में शनि विराजमान हो उनके लिए भी इस रत्न को शुभ माना जाता है। इसके लिए पंचम और दशम भाव का उच्च देखा जाता है।

ये जातक ना करें धारण

रत्न शास्त्र के मुताबिक हर रत्न, हर राशि और लग्न के व्यक्ति के लिए शुभ साबित नहीं होता है। इसलिए इसे ज्योतिषी सलाह के बाद ही धारण करना चाहिए। वृश्चिक, मेष और सिंह राशि वाले जातक इसे ना पहने तो बेहतर होगा क्योंकि शनि ग्रह को इन राशियों का शत्रु कहा जाता है। इस रत्न को धारण करने से पहले शुभ समय, राशि और लग्न का विशेष ध्यान रखें।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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