उत्तराखंड के टनकपुर से शुरू हुई पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीएम धामी ने श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत कर रवाना किया पहला दल

हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ रविवार से हो गया है। उत्तराखंड के टनकपुर से सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों को श्रीफल देकर पहले दल को रवाना कर दिया है।
Mansarovar Yatra

उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ रविवार, 05 जुलाई 2026 को टनकपुर से हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की। सीएम धामी ने कहा कि आप सभी भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो उत्तराखंड की संस्कृति का प्रचार भी आप अपने-अपने क्षेत्र में जरूर करें। इस दौरान उन्होंने धारचूला में स्थानीय उत्पादों को खरीदने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वोकल फॉर लोकल” पहल से प्रेरणा लेते हुए श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को खरीदकर स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु जब दर्शन कर वापस अपने-अपने राज्यों में लौटें, तो वे उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसडर बनकर जाएं और राज्य की संस्कृति, पर्यटन तथा स्थानीय उत्पादों का देशभर में प्रचार-प्रसार करें।

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तीर्थयात्रियों की यात्रा आसान और सुरक्षित हो: सीएम धामी

कार्यक्रम के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन बहुत ही पवित्र है। हमने भगवान भोलेनाथ के 49 भक्तों के एक समूह को कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए रवाना किया है। उन्होंंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत ही भावुक कर देने वाला पल है। हम कर साल इस यात्रा के लिए रवानगी का इंतजाम करते हैं। हमारी हमेशा से कोशिश रहती है कि तीर्थयात्रियों की यात्रा आसान, आरामदायक और सुरक्षित हो। इसके लिए, कुमाऊं मंडल विकास निगम, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग लगातार तीर्थयात्रा पर नजर रखते हैं।

उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल आस्था का पावन मार्ग ही नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम भी है। इस यात्रा से स्थानीय पर्यटन, रोजगार, स्वरोजगार, होमस्टे, हस्तशिल्प और व्यापार को नई गति मिल रही है, जिससे सीमांत क्षेत्र आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह यात्रा हमारी देवभूमि से गुजरती है और हमारे बॉर्डर इलाकों को छूती है जिसमें भारत के ‘पहले गांव’ माने जाने वाले गांव भी शामिल हैं। वापसी में, तीर्थयात्रा अल्मोड़ा और नैनीताल समेत दूसरे जिलों से गुजरेगी, जिससे कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा के साथ-साथ पूरे मानस खंड इलाके की एक झलक मिलेगी।

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तीर्थयात्रियों ने धामी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की

यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों ने भी उत्तराखंड सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन समेत अन्य यात्रियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने इन इंतजामों पर संतोष जताते हुए सरकार की पहल की प्रशंसा की।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा क्या है?

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में से एक है। कैलाश मानसरोवर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व का स्थान माना जाता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, कैलाश पर्वत एक विशाल पर्वत है और भगवान शिव का पवित्र निवास स्थान है। कैलाश मानसरोवर क्षेत्र अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अलौकिक वातावरण के लिए जाना जाता है। मानसरोवर झील को पवित्र और मोक्षदायिनी माना जाता है। मानसरोवर झील में स्नान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। भारत सरकार हर वर्ष सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन करती है। यात्रा के लिए आवेदन, चयन, चिकित्सकीय जांच और अन्य औपचारिकताएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाती हैं।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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