Masik Shivratri: विवाह में हो रही है देरी? मासिक शिवरात्रि पर इन 4 उपायों से पाएं मनचाहा जीवनसाथी

Masik Shivratri: मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक, विवाह की कामना रखने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है।
masik shivratri 2024

Masik Shivratri: विवाह हिंदू धर्म में एक पवित्र संस्कार माना जाता है और हर किसी की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। जल्द से जल्द मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा हर किसी के मन में होती है। लेकिन कभी-कभी विवाह में अनावश्यक देरी हो जाती है। यदि आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं जिनके विवाह में बाधा आ रही है तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सनातन धर्म में ऐसी कई मान्यताएं और उपाय हैं जिनको करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो सकती हैं।

मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र प्रेम का प्रतीक, विवाह की कामना रखने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि पर किए जाने वाले कुछ खास उपायों के बारे में, जिनको करने से आपको शीघ्र ही मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है।

इन 4 उपायों से पाएं मनचाहा जीवनसाथी

  • विवाह में देरी हो रही है? निराश न हों! मासिक शिवरात्रि आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। इस पावन दिन स्नान-ध्यान के बाद सफेद वस्त्र पहनें और पंचामृत से शिव का अभिषेक करें। साथ ही “ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा” मंत्र का जप करें। यह उपाय शीघ्र विवाह के लिए शुभ माना जाता है।
  • मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक, विवाह की कामना रखने वाली अविवाहित लड़कियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। अविवाहित लड़कियां? लाल साड़ी पहनकर और कच्चे दूध से शिव का अभिषेक कर कुंडली के अशुभ प्रभाव कम करें। मां पार्वती को सिंदूर चढ़ाते समय “ॐ जय गौरी शंकरपत्नी पार्वती मां त्रिपुरा सुंदरी।।” मंत्र जपें।
  • मनचाहा वर पाने के लिए मासिक शिवरात्रि पर गंगाजल, शहद और सुगंध मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। यह उपाय भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न कर देगा और उनकी कृपा से आपको मनचाहा जीवनसाथी मिल सकेगा।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में चंद्रमा का कमजोर होना विवाह में बाधा का कारण बन सकता है। चंद्रमा मन, प्रेम और विवाह का कारक ग्रह माना जाता है। यदि चंद्रमा कमजोर होता है, तो जातक के मन में अशांति, अनिर्णय और नकारात्मक विचार पैदा हो सकते हैं, जो विवाह में बाधा डाल सकते हैं। मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक, विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त करने का उत्तम अवसर प्रदान करता है।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

Bhawna Choubey
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