Puja Path Niyam: सावन माह में शिव पूजा करते समय करें इन नियमों का पालन, भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा नुकसान

सावन माह में कुछ नियमों का पालन आवश्यक होता है। ऐसा करने से लाभ होता है। कुछ गलतियों से भोलेनाथ नाराज भी हो सकते हैं।
Sawan Puja Path Niyam

Sawan Puja Path Niyam: 22 जुलाई से भगवान शिव का प्रिय श्रावण माह शुरू होने जा रहा है। हिन्दू धर्म में इसका खास महत्व होता है। भक्त सोमवार और मंगला गौरी जैसे महत्वपूर्ण व्रत रखते हैं। श्रद्धा भाव के साथ भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस समय भगवान शिव धरती पर भ्रमण करते हैं और लोगों के कष्ट दूर करते हैं। शास्त्रों के अनुसार सावन माह में कुछ नियमों का पालन आवश्यक होता है। ऐसा करने से लाभ होता है। आइए एक नजर इन नियमों पर डालें-

तामसिक भोजन का करें त्याग

सावन माह में तामसिक खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। मांस, मछली, अंडे, लहसुन, प्याज नशीली चीजें  का सेवन वर्जित होता है।

सोमवार को जरूर करें ये 4 काम

सावन में रोजाना भोलेनाथ की पूजा करनी चाहिए। ऐसा संभव न हो तो सोमवार के दिन पूजा और रुद्राभिषेक जरूर करें। व्रत भी रखें। सावन सोमवार का व्रत करना बहुत शुभ माना जाता है। जल में दूध, दही, शहद इत्यादि चीजें डालकर जलाभिषेक करें। सोमवार को व्रत कथा का पाठ जरूर करें। इस दिन ब्रह्मचार्य का पालन भी करें।

इन चीजों को जरूर चढ़ाएं

शिव जी की पूजा के दौरान भांग, धतूरा, आक के फूल, बेलपत्र, सफेद फूड, शमी के पत्ते, दूध, शक्कर, शहद, मौसमी फल, धूप, गंध, नैवेद्य, कमल इत्यादि चीजों को अर्पित करना चाहिए।

पूजा में शामिल न करें ये चीजें

भूलकर भी पूजा के दौरान तुलसी और केतकी का फूल न चढ़ाएं। इसके अलावा भोलेनाथ की पूजा के दौरान सिंदूर, शंख, नारियल, हल्दी इत्यादि को भी शामिल नहीं करना चाहिए।

पूजा के दौरान जरूर करें ये काम

भगवान शिव की पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करें। बेलपत्र अर्पित करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान शंकर के साथ माँ पार्वती की पूजा भी करें। अंत में आरती और क्षमा याचना करें।

इन गलतियों से बचें 

  • पूजा के दौरान कभी भी शिवलिंग की परिक्रमा नहीं करनी चाहिए।
  • सावन में तेल के मालिश करना भी शुभ नहीं माना जाता।
  • इस दौरान बाल और ढाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए।
  • सावन में दूध का सेवन भी उचित नहीं होता।
  • दोपहर में नहीं सोना चाहिए।
  • कांसे के बर्तन में भोजन करना अशुभ माना जाता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।) 

Manisha Kumari Pandey
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