
Ratna Shastra: व्यक्ति अपने जीवन में जब भी कोई शुभ काम करने जाता है या फिर किसी तरह की परेशानी में होता है तो वह ज्योतिष का सहारा लेता है। ज्योतिष भी एक ऐसी चीज है जिससे राशियों के आधार पर व्यक्ति के जीवन के बारे में सभी तरह की जानकारी हासिल की जा सकती है। रत्न शास्त्र इसी की एक शाखा है जिसमें ऐसे रत्न का उल्लेख है, जो व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी परेशानियों का समाधान करते हैं।
अगर व्यक्ति की कुंडली में किसी ग्रह की स्थिति खराब या फिर कमजोर होती है तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब आप इस क्या ज्योतिषीय समाधान ढूंढेंगे तो कुछ ऐसे रत्न मिलेंगे जो इन समस्याओं से छुटकारा दिला सकते हैं। रत्न को अधिकतर अंगूठी में धारण किया जाता है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कौन सी उंगली में कौन सा रत्न पहना जाना शुभ होता है।
मोती
मोती चंद्रमा का रत्न है इसलिए इसे हाथ की सबसे छोटी उंगली में पहनना चाहिए। इसे पहनने से व्यक्ति के जीवन में शांति आती है। इसे शाम के समय पहनना चाहिए।
माणिक
माणिक सूर्य का रत्न है। इसे अनामिका में पहनना शुभ माना गया है। इसे रविवार के दिन सूर्योदय के समय सोने की अंगूठी में धारण करना चाहिए।
मूंगा
मूंगा अनामिका में पहनना शुभ होता है। यह मंगल का रत्न है और इसे चांदी या फिर तांबे में जड़वा कर पहनना चाहिए।
पुखराज
पुखराज का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है। इसे तर्जनी उंगली में पहनना शुभ माना गया है। गुरुवार के दिन इसे सोने की अंगूठी में जड़वाकर पहनना चाहिए।
नीलम
नीलम का संबंध शनि ग्रह से होता है। यह हर किसी को सूट नहीं करता है। लेकिन जिसे अच्छे परिणाम देता है, उसके जीवन में सकारात्मकता भर देता है। इसे मध्यमा उंगली में पहनना चाहिए।
डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।
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