सावन के महीने में इन 3 रंगों से करें परहेज, जानें किस कलर के कपड़े देंगे लाभ

सावन के महीने में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सभी उनकी विशेष पूजन अर्चन करते हैं। इस दौरान आपको किन रंगों के कपड़े पहनना है और किन रंगों के नहीं इस बात का विशेष ध्यान रखें।
Sawan 2025

सावन का महीना धार्मिक लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। यह एक ऐसा महीना है जिसमें भगवान शिव की पूजन अर्चन करने का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस महीने में भगवान शिव की पूजन करता है। वह उससे प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। भगवान शिव की पूजन के साथ इस महीने में कुछ नियमों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है।

जब भी पूजन पाठ की बात आती है तो हम सभी इंडियन आउटफिट पहनना पसंद करते हैं। कपड़े तो हम संस्कृति से जुड़े हुए पहन लेते हैं लेकिन इनका जो रंग होता है वह हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव डालने का काम करता है। सावन में भोलेनाथ की पूजन करते समय आप किन रंगों के कपड़े पहन रहे हैं इस बात का विशेष ध्यान रखें। चलिए आज हम आपको इसी के बारे में बताते हैं।

धार्मिक लिहाज से शुभ और अशुभ रंग (Sawan 2025)

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पूजन करते समय हम जिन रंगों के कपड़े पहन रहे हैं वह हमारे जीवन पर अलग-अलग असर डालते हैं। पूजा के दौरान कुछ रंगों को पहनना निषेध बताया गया है। चलिए आपको बता देते हैं कि आपको कौन से रंग पहनने से बचना चाहिए और कौन से पहनना चाहिए।

सावन में पहनें ये रंग

सावन हरे भरे रंगों का महीना होता है। इस दौरान सुहागिन महिलाएं हरे रंग की साड़ी और चूड़ियां पहनकर तैयार होती है। लड़कियों को भी हरे रंग का इस्तेमाल करते हुए देखा जाता है। इसके अलावा आप नारंगी, लाल, पीला, गुलाबी जैसे रंग पहन सकते हैं। हल्के रंग के कपड़े अगर सावन के महीने में पहने जाएं तो यह शुभ माना जाता है।

ना पहनें ये कपड़े

कुछ ऐसे रंग होते हैं जिन्हें पूजन पाठ के दौरान नहीं पहना जाता। यह हमारे जीवन में नकारात्मकता को अट्रैक्ट करने का काम करते हैं। काला एक ऐसा ही रंग है जिसे धार्मिक उत्सवों के दौरान नहीं पहनना चाहिए। पूजन पाठ के दौरान इसे पहनना वर्जित माना गया है। इसके अलावा भगवान शिव की पूजन करते समय भरे और खाकी रंग के कपड़े भी नहीं पहनना चाहिए। इससे पूजन का फल प्राप्त नहीं होता है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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