Pradosh Vrat: सावन का तीसरा प्रदोष व्रत इस दिन, करें 4 खास उपाय, घर में आएगी खुशहाली, दूर होंगे कष्ट

Pradosh Vrat: सावन का तीसरा प्रदोष व्रत इस दिन, करें 4 खास उपाय, घर में आएगी खुशहाली, दूर होंगे कष्ट

Sawan Pradosh Vrat: सावन का पावन महीना चल रहा है। इस दौरान पढ़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। अधिक मास के प्रदोष व्रत करने से 2 गुना पुण्य की प्राप्ति होगी और महादेव शीघ्र की प्रसन्न होंगे। श्रावण माह का तीसरा प्रदोष व्रत 13 अगस्त को रखा जाएगा। व्रत करने से जीवन की समस्याएं दूर होती है। भोलेनाथ की कृपा से आसपास की नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है। इस दिन कुछ उपायों को करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर परिवार में खुशहाली आती है। ‌

करें ये उपाय:-

  • गंगाजल में बेलपत्र डालकर प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर चढ़ाएं। शिवलिंग की जलधारा से थोड़ा सा जल लेकर घर के कोने-कोने में छिड़क दें। ऐसा करने से घर में रहने वाली बुरी शक्तियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
  • दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाने के लिए प्रदोष व्रत के शाम में गुलाब के फूल की पत्तियों का रस भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करें। पूजा खत्म होते ही पति-पत्नी इस रस को आंखों पर लगाएं। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच हो रहा क्लेश और झगड़ा खत्म होता है।
  • विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। इसके बाद सफेद वस्त्र धारण कर सूर्यदेव अर्घ्य दें। भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें।
  • प्रदोष व्रत की शाम में लाल गुलाब पर चंदन का इत्र लगाकर पति-पत्नी एक साथ मिलकर इन फूलों को भोलेनाथ को अर्पित करें। इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है। प्रेम संबंध मजबूत होते हैं। घर-परिवार में खुशहाली आती है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews